आधा शव मिला दफन.. तो वही कितने सालो से चल रहा यह कला काम.. शव गौशाला में मिलने से सनसनी.. पढ़े पूरी खबर…
बछड़े का कटा हुआ सर और क्षत विक्षत शव गौशाला में मिलने से सनसनी..







रायगढ.. शहर के सुप्रसिद्ध चक्रधर गौशाला के ठीक पीछे किसी गाय के एक बछड़े का कटा हुआ सर की जानकारी इस्थाई लोगो ने गौ सेवा संगठन को दी। जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और लगाया सिटी कोतवाली में फोन और लगाई पशु चिकित्सा प्रबंधक को भी फोन दोनो ही टीम मौके पर पहुंची। उसके बाद गौशाला के स्टाफ वह मैनेजर ने कहा यह हमारे यह का नही है बछड़ा।
उसके बाद पुलिस वह पशु की टीम की सक्ति को देख कहा हा यह हमारे यहां का बछड़ा है जो 3 दिन पहले जमा है। उसके बाद पूरे शव की बात कही गई तो उनके द्वारा बताए गया की शव गोबर के डंप के अंडर दबा दिया गया है जब निकला गया जो शव का पिछला हिस्सा था परंतु बीच का हिस्सा नहीं था जिसको लेकर स्टाफ से पूछा गया तो वह बताया की मुझे पता नहीं है। इस बात को लेकर जब सेवा संगठन बात की मैनेजर से तो उसके द्वारा बताया गया की मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है और मृत की जानकारी हमारे रजिस्टर में भी नही है। परंतु स्टाफ का कहना है कि मैंने तीनो मैनेजर को इसकी सूचना दी थी और उनके आदेशानुसार ही दफन किया है। देखा जाए तो पूरे मामले में साठ गांठ दिखाई दी।
क्युकी हर कोई एक दूसरे के अपर बात टाल रहे थे जब की मृत को रामपुर डंपिंग लेजाया जाता है वह भी निगम को सूचना दिए और निगम ही लेजती है परंतु यह तो दिलचस्त मामला जहा निगम को भी कानो कान खबर नहीं। अब देखा यह है इस मामले में निगम कमिश्नर क्या एक्शन लेते हैं क्योंकि मामला बहुत बड़ा है। उसके बाद स्टाफ और मैनेजर का कहना है की वहा के डॉक्टर का कहना है की वह गौ को लंपि वायरस है जब की पशु की टीम ने यह बात क्लियर की की वह गौ को लंपी वायरस नहीं है और नही हो सकता क्युकी वह अभी अभी पैदा हुई थी और उसकी ह्यूमिनिटी बोहोत स्ट्रॉन्ग थी। जहां जांच में पाया गया कि तीन दिन पहले ही गाय के बछड़े ने जन्म लिया था। जो किसी कारण वश मर गया था। बछड़े के शव को कुत्तों ने खोद कर निकाल लिया और उसके टुकड़े कर दिए थे यह बात स्टाफ ने कहा परंतु सवाल तो यह है कि शरीर दफन था और उसको कुत्ता खीच के ले गया तो सर के हिस्से पर गोबर क्यों नहीं लगा था?

वही गौशाला प्रबंधन की उक्त लापरवाही को लेकर शहर के धार्मिक संगठनों और गौसेवा से जुड़े लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया। इससे पहले की घटना को लेकर कोई अप्रिय स्थिति बनती कोतवाली पुलिस ने बेहतर ढंग से लोगों को समझा बुझाकर मृत बछड़े का शव पोस्टमार्टम के लिए पशु अस्पताल भेज दिया।
देखा जाए तो गौ हत्या का मामला पैहले ही सिटी कोतवाली में दर्ज है उसके बाद भी पुलिस नहीं कर रही है मामले का जांच। देखा जाए तो रायगढ़ शहर में खुलेआम गोद तस्करी वह गौ हत्या जोर शोर से चल रहा है परंतु पुलिस इस मामले में न जाने क्यों फिर दर्ज नहीं करती गायों के मामले को लेकर जब कोई पुलिस के पास जाता है तो किसी न किसी कारण वर्ष पुलिस उसे मामले को दर्ज न कर सिर्फ आवेदन ही रख लेती है आखिर गौ जैसे मामलों पर पुलिस एफ.आई.आर क्यों नहीं करती।



