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पसान वनपरिक्षेत्र स्टॉप डेम में खेल रहे भ्रष्टाचार का खेल, रेंजर बने राजदार।

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3.50 मीटर की नींव को 2 फ़ीट में निपटा रहे

कटघोरा वन मंडल के घोटालों की फाइल बन्द? अब तो सरकार भाजपा की,क्यों चुप हैं भाजपाई

कोरबा। कटघोरा वनमंडल में फिर से स्टाप डेम की आड़ में भ्रष्टाचार का खेल और धन की बंदरबांट शुरू हो गई है। पहले तत्कालीन डीएफओ शमा फारुखी और अब एसडीओ संजय त्रिपाठी पसान रेंजर रामनिवास धायक बिट प्रभारी के साथ मिल कर खेला कर रहे हैं।निर्माण के लिए निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने की बात सामने आई है और इन सभी में एसडीओ और रेंजर की कार्यशैली की सवालों के घेरे में है। मैदानी स्तर पर वे निर्माण कार्यों को लेकर काफी गहरी भूमिका निभा रहे हैं। सूत्रों से पता चला हैं की वे पर्दे के पीछे स्वयं ठेकेदार की तरह काम कर रहे हैं और उनके अधीनस्थ रेंजर उनके राजदार बने हुए हैं। वर्तमान में कटघोरा वनमंडल अंतर्गत ईस्ट-वेस्ट रेल कॉरिडोर का निर्माण द्रुत गति से चल रहा है। कॉरिडोर से वन एवं जल संपदा के भारी नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई के लिए ज्यादा प्रभावित रेंज जटगा एवं पसान हैं जहाँ 05 से अधिक छोटे-छोटे नालों में स्टॉप डेम की स्वीकृति कैम्पा मद से हुई है। जहाँ भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए जानकारी बोर्ड तक नहीं लगाए हैं जहाँ लगभग करोड़ की राशि से बनने वाले ये स्टॉप डेम जेब भरने का साधन बन गए हैं।
कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज अंतर्गत गोलवा नाला, कलेवा नाला, साढ़ामार डेम, चचई नाला, मैनगढ़ी नाला, सभी स्टॉप डेम का निर्माण गुणवत्ताहीन और नियम-शर्तों को ताक पर रखकर कराया जा रहा है। पसान रेंज में सारा कार्य एसडीओ त्रिपाठी की देखरेख में व रेंजर रामनिवास धायक द्वारा कराया गया जा रहा। रेंजर से जानकारी लेने कार्यालय मे पता करने पर अनुपस्थि बताया गया। जानकारी के लिए धरातल स्तर पर न इंजीनियर न ठेकेदार मिलते भगवान भरोसे चाल रहा निर्माण कार्य उच्य जिम्मेदार अधिकारी मौन बैठे हैं।सूत्रों से बता चला की साढ़मार में पत्थर आ जाने से उसके ऊपर ही काम कर दिए हैं जो जाँच का विषय हैं।

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