महाठगी: मृतक के बैंक खाते से 30 लाख रुपये का गबन, घरघोड़ा पुलिस की निष्क्रियता से हताश बेवा ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार!!

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महाठगी: मृतक के बैंक खाते से 30 लाख रुपये का गबन, घरघोड़ा पुलिस की निष्क्रियता से हताश बेवा ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार

रायगढ़@TAKKAR न्यूज: जिले में एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर वित्तीय फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक मृत व्यक्ति के बैंक खाते से जालसाजों ने 30 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि पार कर दी। विडंबना यह है कि पति की मौत के बाद न्याय की आस में दर-दर भटक रही एक बेसहारा महिला की फरियाद सुनने वाला स्थानीय स्तर पर कोई नहीं है। थाना घरघोड़ा पुलिस की महीनों की निष्क्रियता और उदासीनता से हताश होकर, अब पीड़िता ने रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक व (एसएसपी) के समक्ष न्याय की गुहार लगाई है।

प्राप्त आधिकारिक शिकायत के अनुसार, तमनार तहसील के ग्राम केराखोल निवासी पीड़िता सिरमती राठिया के पति स्व. धनुर्जय राठिया का बैंक खाता घरघोड़ा स्थित आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक की शाखा में संचालित है। जिसका खाता क्रमांक 372201501335 है। पीड़िता के अनुसार, उनके पति का निधन लगभग छह वर्ष पूर्व, 9 जून 2020 को हो चुका है। किंतु, आश्चर्यजनक रूप से मृत्यु के पश्चात भी उनके खाते से 30 लाख रुपये का अवैध आहरण कर लिया गया। एक मृत व्यक्ति के खाते से इतनी बड़ी राशि का लेन-देन होना सीधे तौर पर एक सुनियोजित और बड़े आपराधिक षड्यंत्र को प्रमाणित करता है।

इस गंभीर फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर, पीड़िता सिरमती राठिया ने तत्काल 23 मई 2025 को थाना घरघोड़ा में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। एक बेवा महिला ने प्रशासन से उम्मीद की थी कि इस संगीन मामले में त्वरित कार्रवाई होगी। लेकिन सिस्टम की संवेदनहीनता देखिए कि शिकायत दर्ज होने के लगभग 11 महीने बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस द्वारा कोई भी ठोस जांच या एफआईआर (FIR) की कार्रवाई नहीं की गई।

अंततः, स्थानीय पुलिस तंत्र से निराश होकर पीड़िता ने 15 अप्रैल 2026 को रायगढ़ पुलिस अधीक्षक व (एसएसपी) के कार्यालय में अपनी शिकायत प्रस्तुत की है। एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में उन्होंने पूरी घटना का ब्योरा देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने और गबन की गई राशि की जांच की मांग की है।

यह मामला केवल एक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और केवाईसी (KYC) नियमों के अनुपालन पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। बैंक प्रबंधन की भूमिका की जांच होना भी अत्यंत आवश्यक है कि आखिर एक मृत व्यक्ति के खाते से इतनी बड़ी रकम बिना किसी भौतिक सत्यापन के कैसे आहरित हो गई? अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस अधीक्षक की ओर हैं। देखना यह है कि एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में क्या त्वरित कार्रवाई होती है और क्या एक बेसहारा महिला को न्याय मिल पाता है।

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