मोटर ड्राइविंग के नाम पर जानलेवा लापरवाही.. दोषी कौन..? घटना दुर्घटना होने पर कौन है जिम्मेदार..?
दोषी कौन..? RSETI अधिकारी ने सपष्ट किया लापरवाही डी.एस.टी.जिम्मेदार
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रायगढ़/टक्कर न्यूज :- रायगढ़ शहर में गरीब बच्चो के लिए सरकार द्वारा कराई जा रही निशुल्क ड्राइविंग ट्रेनिंग में कई कमियां पाई गई है। टीवी टावर रोड में स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान रायगढ़ में पूरे जिले के गरीब बच्चो को निशुल्क ट्रेनिंग दी जाती है। जिसमे रहना ,खाना, ड्रेस, और ट्रेनिंग सब कुछ निशुल्क होता है। मोटर ड्राइवर ट्रेनिंग के नाम पर शहर का ट्रेनिंग स्कूल संचालक जानलेवा लापरवाही करते नजर आया है।
इस विषय में जिला RSETI अधिकारी ने भी माना है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त के बाहर है। उन्होंने कहा कि फिलहाल संबंधित संचालक को नोटिस देकर समझाईस दिया जाएगा,लेकिन दुबारा ऐसा करता पाए जाने पर उचित कार्यवाही की भी जाएगी।
मामला यह है कि डीएसटी लक्ष्य मोटर ट्रेनिंग स्कूल के संचालक दिलीप साहु के द्वारा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण युवकों को मोटर ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जा रही है।
ट्रेनिंग के दौरान नियम कायदों की ऐसी धज्जियां उड़ाई जा रही है जो जानलेवा है। ड्राइविंग स्कूल के द्वारा जिस वाहन ने ड्राइविंग सिखाया जा रहा है उसमे ट्रेनर और सीखने वाले युवा आम तौर पर बिना सीट बेल्ट लगाएं ड्राइविंग सिखाते है। साथ ही वाहन को बीच सड़क में चलाते समय गति और निर्धारित साइड का ध्यान भी नही रखा जाता है। इतना ही नहीं इस ड्राइविंग स्कूल में जिन युवाओं को ड्राइविंग सिखाया जा रहा है उन्हे यूनिफॉर्म भी नही पहनाया जा रहा है।
ड्राइविंग स्कूल के संचालक के द्वारा गैर कानून रूप से बच्चों को ड्राइविंग सिखाया जा रहा है बच्चों ने बताया उनका लर्निंग लाइसेंस 15 दिन के बाद उनको मिल रहा है परंतु नियम के अनुसार गाड़ी में चढ़ने से पहले उनके हाथ में लर्निंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। नहीं होने पर गाड़ी नहीं सिखाया जा सकता है।
बात यही खतम नही होती ट्रेनिंग स्कूल के ड्राइवर ने कहा मेरा DST मेरे पास मौजूद नहीं है वह विभाग में जमा है परंतु अधिकारी ने बताया उसका DST हमारे पास नहीं है DST सिर्फ ड्राइविंग स्कूल के संचालक का है। मतलब संचालक खुद ट्रेनिंग देने के बजाए अपने असिस्टेंस से युवाओं को वाहन चलाना सीखा रहा है। जो कि पूरी तरह से नियम के विपरीत है। सबसे बड़ी बात यह है कि बिना लर्निंग लाइसेंस और बिना ड्राइविंग संचालक के वाहन में उपस्थिति के शहर की सड़कों में किसी नौसिखिए के वाहन चलाने के दौरान यदि कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
यह सवाल जिला RSETI अधिकारी चारलीस एक्का ने बताया कि इन परिस्थितियों यदि कोई घटना दुर्घटना होती है तो इसके जिम्मेदार स्वयम ड्राइविंग स्कूल का संचालक दिलीप साहु होगा। विभाग उसके विरुद्ध उचित कार्यवाही भी करेगा।
इस तरह की लापरवाही को देखते हुवे लगता है की गरीब बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
इसमें डायरेक्टर की भी मनमानी पूर्ण रूप से दिखाई दे रही है।
इधर ड्राइविंग स्कूल संचालक दिलीप साहु ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बिलकुल झूठी सफाई से मना कर दिया। वर्तमान में ड्राइविंग स्कूल संचालक के कृत्य की जानकारी जिला RSETI अधिकारी को दे दी गई अब आगे की कार्यवाही उन्हे करना है।।



