रायगढ़

रायगढ़ में हंगामा! किसानों ने जिला उद्योग केंद्र प्रबंधक पर लगाया झूठी FIR दर्ज कराने का आरोप, मांगी तुरंत गिरफ्तारी!! 

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गेजामुड़ा ग्राम के प्रभावित किसानों ने कोतरा रोड थाने में दी शिकायत, कहा- सीमांकन नोटिस नहीं दिए गए, फिर भी शासकीय कार्य में बाधा का झूठा केस; प्रबंधक पर षड्यंत्र रचने का आरोप!!

रायगढ़@टक्कर न्यूज :- रायगढ़ जिले के कोतरा रोड थाने में एक बड़ा विवाद छिड़ गया है। ग्राम गेजामुड़ा के दर्जनों किसानों ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रथम सूचना प्रतिवेदन (FIR) दर्ज कराने की मांग की है। किसानों का दावा है कि प्रबंधक ने उन पर पूरी तरह आधारहीन और झूठा आपराधिक प्रकरण थोपने के लिए पहले से ही कोतरा रोड थाने में FIR दर्ज करा दी थी, जबकि हकीकत में कोई अपराध हुआ ही नहीं।

किसानों की लिखित शिकायत के अनुसार, जिला उद्योग केंद्र के प्रबंधक ने उन्हें शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया और सीमांकन कार्य को रोकने का झूठा इल्जाम लगाया। लेकिन किसान इसे सिरे से खारिज करते हैं। उनका कहना है कि राजस्व विभाग के नियमों के मुताबिक, सीमांकन के लिए भूमि के चारों ओर के सभी भूमि-स्वामियों को नोटिस जारी करना अनिवार्य है, लेकिन इस मामले में ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं किया गया।

शिकायतकर्ता रबी लक्ष्मी पटेल, दिलीपकुमार पटेल, भवानी, रविशंकर पटेल सहित गेजामुड़ा के समस्त प्रभावित किसानों ने आरोप लगाया है कि यह FIR पूरी तरह फर्जी, आधारहीन और षड्यंत्रपूर्ण है। उन्होंने कहा, “प्रबंधक ने जानबूझकर किसानों में दहशत फैलाने और उन्हें दबाने की कोशिश की है।”

किसानों ने कोतरा रोड थाना प्रभारी से मांग की है कि प्रबंधक के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए और उन्हें झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने, षड्यंत्र रचने तथा किसानों पर दहशत फैलाने के अपराध में गिरफ्तार किया जाए।

यह मामला अब स्थानीय स्तर पर गरमा गया है। किसान संगठनों और ग्रामीणों में रोष है कि सरकारी अधिकारी किसानों के खिलाफ गलत तरीके से पुलिस का इस्तेमाल कर रहे हैं। थाना प्रभारी ने अभी तक इस शिकायत पर कोई आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी नहीं दी है, लेकिन जांच की उम्मीद जताई जा रही है।

यह घटना रायगढ़ जिले में भूमि विवाद और औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़े तनाव को फिर उजागर करती है, जहां किसान अक्सर अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करते नजर आते हैं। आगे की जांच से सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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