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ग्राम पंचायत सेखवा सचिव चूड़ामणि प्रजापति ने पचास हजार के शौचालय मरम्मत खा लिया

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सचिव की लापरवाही एवं घोर
मनमानी के कारण प्राथमिक स्कूल का शौचालय बना नहीं और राशि गबन का
मामला



हर गली मोहल्ले के गड्डे में मुरूम डालने के पारित प्रस्ताव निर्णय अनुसार 66 हजार रुपए का आहरण किया लेकिन मुरूम बिछा तक नहीं

भ्रष्टाचार को व्यापक स्तर पर बढ़ाकर राशि गबन का काम कर रहा सचिव चूड़ामणि और पंचों को खबर तक नहीं


गौरेला पेंड्रा मरवाही/ जनपद पंचायत मरवाही के ग्राम पंचायत सेखवा के सचिव द्वारा इन दिनों घोर लापरवाही एवं मनमानी की जा रही है।एक ओर चुनावी वर्ष होने के कारण छत्तीसगढ़ की सत्ताधारी कांग्रेस राज्य सरकार बेहतर परिणाम व कार्य करने का दावा करती है वहीं दूसरी ओर पंचायत के कर्मचारी सचिव चूड़ामणि द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की छवि धूमिल करने का अनोखा काम करने से बाज नहीं आ रहा है जब पंचायत के ही जिम्मेदार लोग भक्षक बन जायें तो फरियाद किसको सुनाया जाए यह सोंचने वाली बात है। सचिव की मनमानी का खामियाजा यहाँ के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
मरवाही विकासखण्ड के सेखवा पंचायत का मामला जहां शासकीय प्राथमिक शाला में शौचालय मरम्मत का कार्य दिनाँक 07.06.2023 को स्वीकृत हुआ था लेकिन आज पर्यन्त इस स्कूल का शौचालय मरम्मत नहीं कराया गया सचिव द्वारा बस टाल मटोल किया गया और अब कुछ ही दिन बचे हैं आचार संहिता प्रभावशील हो जायेगी । इस विषय में संस्था के पूर्व संस्था प्रमुख बलराम तिवारी द्वारा शाला प्रबन्धन समिति को अवगत कराकर पंचायत सचिव को मरम्मत कार्य कराने हेतु सूचित भी किया गया था सूचना प्रदान करने के विषय में शाला समिति का प्रस्ताव भी पारित किया गया ताकि समयानुसार कार्य कराया जा सके।वर्तमान में संस्था प्रमुख राजेन्द्र सिंह सिन्द्राम हैं जिन्हें शौचालय मरम्मत कार्य के बारे में जानकारी तक नहीं है कि क्यों नहीं बनाया पंचायत द्वारा,सचिव लापरवाह अब तक क्यों बना हुआ है।संस्था के स्टॉफ मरम्मत कार्य पूर्ण कराये जाने की झूठी आस लगाये बैठे हैं लेकिन सचिव की मनमानी के कारण नौ दिन चले अढाई कोश वाली कहावत चरितार्थ हुआ। जबकि इस विषय में दिनाँक 06 सितम्बर को इंजीनियर मराबी द्वारा स्कूल पहुँचकर काम पूर्ण नहीं कराने को लेकर तुरन्त काम पूर्ण करने के लिए कहा गया और राशि आहरण करने की बात कही गई लेकिन सेखवा पंचायत की बात ही अलग है यहाँ सब कुछ मनमानी ढंग से चलता है।स्वीकृत राशि को गबन करने का पूरा प्रयास जारी है और बाद में कागजी कार्यवाही पूर्ण कर दिया जायेगा। इंजीनियर द्वारा राशि आहरण करने की बात पर गौर किया जाये तो ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि राशि का आहरण कर लिया गया और बंदर बाँट भी हो चुका है।
इस संस्था की बात करें यहाँ निर्वाचन कार्य हेतु बूथ भी बनाया गया है इसके पूर्व बूथ सत्यापन में अधिकारी द्वारा शौचालय मरम्मत योग्य है लिखकर जिला कलेक्टर को रिपोर्टिंग भी किया गया है इसके बावजूद भी सचिव अपनी मनमानी किये जा रहा है और प्रशासन भी ऐसे लापरवाह कर्मचारी के आगे नतमस्तक होते दिखाई दे रहा ।कुछ दिन बाद आचार संहिता लग जायेगी और यह काम भी कागजी कार्यवाही में पूर्ण होकर सिमटकर रह जायेगा ।
भ्रष्टाचार का मामला तथा सचिव के कारनामे परत दर परत खुलते जा रहा है आपको बता दें इस पंचायत के हितग्राही यदि किसी मामले को लेकर सचिव से फरियाद करते हैं तो सचिव द्वारा खर्चा लगने की बात कही जाती है।राशन कार्ड घोटालेबाज के रूप में मशहूर हो चुके सचिव द्वारा गाँव के ही प्रमोद कुमार कैवर्त से तीन हजार में राशन कार्ड बनवाने की बात कहकर पन्द्रह सौ रूपये लिया गया है जन्म प्रमाण पत्र बनाने के एवज में गाँव के ही दिनेश सिंह से पन्द्रह सौ रूपये लिया गया जिसकी प्रमाणिकता उजागर हो चुकी है।इस प्रकार और भी राशन कार्ड के मामले में कुछ नाम सामने आ रहे हैं।इस पंचायत में राशन कार्ड बनवाने का रेट लिस्ट बना दिया गया है 3 से 6 हजार राशन कार्ड और 15 सौ से 2 हजार जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम से हितग्राहियों द्वारा खुलासा किया जा रहा है।प्रमाण पत्र व राशन कार्ड के मामले में रूपये नहीं दिए जाने पर आम नागरिकों को सचिव द्वारा घुमाया जाता है।ग्राम पंचायत भवन कार्यालय भी मनमानी का शिकार हो चुका है सचिव नदारद ही मिलेंगे और फोन भी रिसीव नहीं किया जाता है इस प्रकार इनकी भर्राशाही चरम सीमा में है। जब जिम्मेदार लोग ही दलाल बन जायें तो भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने वाला कौन होगा यह गौर करने वाली बात है।
सचिव का कारनामा ऐसा है कि ग्राम सभा दिनांक 19.05.2023 को ग्राम सभा में प्रस्ताव लाकर पारित किया गया कि गाँव के सभी गली मोहल्ले में बरसात लगने के पूर्व बड़े बड़े गड्डे बन चुके रास्ते में मुरूमी करण कराया जायेगा लेकिन आज तक मुरूम नहीं डाला गया । गौर करें तो सचिव द्वारा मुरूमी करण के नाम से 66000/-रूपये छासठ हजार रूपये आहरण कर गबन कर लिया गया आज दिनांक तक कार्य नहीं कराया गया है ग्रामवासियों को ठगने एवं गुमराह करने का कार्य किया जा रहा है। शासकीय राशि का दुरूपयोग एवं गबन करने वाले सचिव से निश्चित जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही का उद्धार हो सकता है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
ग्रामवासी हितग्राहियों ने मीडिया तथा स्थानीय प्रमुख जनों जनप्रतिनिधियों को अवगत कराकर आर्थिक शोषण करने वाले भ्रस्ट एवं लापरवाह सचिव से निजात पाने गुहार लगाई है तथा प्रशासन से पंचायत स्तर के कार्य पूर्ण कराने हेतु ग्राम के विकास में ध्यान देने व सहयोग की बात कही गई है। इस मामले में सचिव द्वारा वित्तीय अनियमितता किये जाने को लेकर प्रशासन क्या कार्यवाही करती है गौर करने वाली बात होगी।

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