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शासन प्रशासन पर भारी पड़ रहा है ग्राम पंचायत गिरारी का कोटवार प्रशासन के आंखों का नूर बना है

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ग्राम सभा की अनुशंसा के बावजूद नहीं की गई कोटवार पर कार्यवाही


उड़ाया जा रहा है कोटवार द्वारा ग्राम सभा का माखौल


छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता के तहत ग्राम कोटवार को ग्राम अधिकारी माना गया है तथा इसे शासकीय कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है जो ग्राम का सबसे छोटा कर्मचारी है परंतु इसी छोटे कर्मचारी ने गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की ग्राम गिरारी में ग्रामीणों का जीना मुहाल किया हुआ है इस विवादित कोटवार की शिकायत जिला प्रशासन तक की गई है परंतु राजस्व विभाग का यह सबसे छोटा कर्मचारी प्रशासन की आंखों का नूर बना हुआ है। स्थिति या है कि ग्राम सभा के प्रस्ताव के बावजूद इस कोटवार पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिससे ग्रामीणों में आक्रोश  है वही कोटवार के हौसले बुलंद है।

यहां पर बताना लाजमी होगा कि गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा तहसील स्थित ग्राम गिरारी में जमीन की खरीदी बिक्री का अवैध मामला एवं फर्जीवाड़ा मे ग्राम कोटवार की भूमिका सामने आने के बाद ग्राम पंचायत गिरारी की ग्राम सभा ने ग्राम कोटवार पर कार्यवाही एवम हटाने का अनुमोदन किया था गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कोटवार पर कार्यवाही की मांग की थी परंतु ग्राम सभा के अनुमोदन एवं ग्राम सभा की गंभीर शिकायत के बावजूद भी विवादित कोटवार पर कोई कार्यवाही नहीं की गई जिससे ग्राम गिरारी के ग्रामीणों में भयंकर आक्रोश है। कोटवार पर आरोप है कि कोटवार द्वारा फर्जी तरीके से धान विक्रय ,किसानों से राजस्व रिकार्ड दुरुस्त के नाम पर वसूली,भूमाफिया पिता का नाम बदल दिया जाता है जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने ग्राम सभा के अनुमोदन पश्चात जिला प्रशासन को की गई परंतु कोई कारवाई नहीं हुई। कोटवार के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होने से ग्रामीण बुरी तरह नाराज है।

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