शोले का असली वीरू उतरा कोरबा में: बसंती मुझे माफ कर दो, वरना कूद जाऊंगा.. देखे लाइव वीडियो!!
बसंती से झगड़े के बाद 2.0 'वीरू', 200 फीट ऊंचे टावर पर 2 घंटे!!

शोले का असली वीरू उतरा कोरबा में: बसंती मुझे माफ कर दो, वरना कूद जाऊंगा!! बसंती से झगड़े के बाद 2.0 ‘वीरू’, 200 फीट ऊंचे टावर पर 2 घंटे!!
कोरबा@टक्कर न्यूज :- छत्तीसगढ़ के कोयलांचल कोरबा में रविवार की दोपहर बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘शोले’ का मशहूर सीन जिंदा हो उठा। बस फर्क इतना था कि यहां पानी की टंकी की जगह 200 फीट ऊंचा जियो मोबाइल टावर था और वीरू बनने वाला शख्स कोई जाबांज ठाकुर नहीं, बल्कि शराब के नशे में धुत एक नौजवान पति था। पत्नी से शराब पीने को लेकर हुए झगड़े के बाद गुस्से में आग बबूला हुआ यह ‘हीरो’ घर से निकला और सीधे गांव के टावर पर जा चढ़ा।
रजगामार चौकी क्षेत्र के रावणभांटा गांव में दोपहर करीब 3 बजे का वक्त था। 26 साल का करण चौहान शराब पीकर घर लौटा तो पत्नी ने फटकार लगाई। बात बढ़ी, झगड़ा हुआ और करण नाराज होकर बाहर निकल गया। गांव वालों की नजर पड़ी तो देखा कि करण 200 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ता चला जा रहा है। ऊपर पहुंचते ही शुरू हुआ असली तमाशा – वह जोर-जोर से पत्नी का नाम पुकारने लगा, कभी कूदने की धमकी देने लगा, कभी आसमान की ओर हाथ उठाकर चिल्लाने लगा। देखते ही देखते गांव में सनसनी फैल गई। लोग दूर-दूर से दौड़े चले आए, भीड़ जमा हो गई और हर कोई फोन निकालकर वीडियो बनाने लगा।
नीचे खड़ी भीड़ में सांसें थामे लोग ऊपर देख रहे थे। कोई चिल्लाता – “नीचे उतर आओ भाई!”, कोई कहता – “अरे ये तो शोले का वीरू बन गया रे!” करीब एक-डेढ़ घंटे तक यह हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। पत्नी को भी बुलाया गया, उसने नीचे से समझाने की कोशिश की, लेकिन नशे का ‘जय-वीरू’ कहां मानने वाला था।
आखिरकार सूचना मिलते ही रजगामार चौकी प्रभारी लक्ष्मण खूंटे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मशक्कत के बाद लंबी समझाइश दी, आखिरकार करण मान गया और सुरक्षित नीचे उतर आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया, लेकिन कोई केस दर्ज नहीं किया गया। चौकी प्रभारी ने बताया कि युवक शराब के नशे में था और घरेलू विवाद के चलते यह कांड किया। समझाइश के बाद उसे छोड़ दिया गया।
यह वाकया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग कमेंट कर रहे हैं – “शोले 2.0”, “बसंती को बुलाओ वरना कूद जाऊंगा!” हालांकि मजाक का यह ड्रामा खतरे से खाली नहीं था। 200 फीट की ऊंचाई से गिरते तो जान जा सकती थी। गांव वाले अब राहत की सांस ले रहे हैं, लेकिन सबक यही कि नशा और गुस्सा इंसान को कहां से कहां पहुंचा देता है।



