पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के शासकीय उ.मा.वि. गेरवानी में बेखौफ चोरों का धावा; चैनल गेट का ताला तोड़कर सीसीटीवी की वायरिंग, पंखे और वाटर कूलर के कंप्रेसर ले उड़े। क्या इलाके में खत्म हो गया है पुलिस का खौफ?







रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- क्या रायगढ़ जिले में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें खाकी वर्दी का कोई खौफ नहीं रहा? क्या पुलिस की तथाकथित ‘कड़ी रात्रि गश्त’ और पेट्रोलिंग सिर्फ कागजों और सायरन की आवाजों तक ही सीमित रह गई है? ये तीखे सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गेरवानी में अज्ञात चोरों ने एक बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने शिक्षा के मंदिर को ही अपना निशाना बनाते हुए पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती दी है। बेखौफ बदमाशों ने स्कूल के अवकाश (छुट्टियों) का फायदा उठाया और इत्मीनान से करीब 50 हजार रुपये के सरकारी माल पर हाथ साफ कर दिया। इस दुस्साहसिक घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
योजनाबद्ध तरीके से दिया वारदात को अंजाम:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 1 मई 2026 से 4 मई 2026 के बीच की है। स्कूल की प्राचार्या श्रीमती टी.सी. बाअ ने पूंजीपथरा थाने में दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में बताया कि 30 अप्रैल को सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक स्कूल का कामकाज सामान्य रूप से चला था। इसके बाद 1 मई की सुबह भृत्य (चपरासी) राजू महिलाने ने हमेशा की तरह विद्यालय के बरामदे की साफ-सफाई की और चैनल गेट को सुरक्षित बंद करके चला गया था। उस वक्त तक स्कूल की सारी सामग्री सुरक्षित थी। इसके बाद लगातार अवकाश था। जब 4 मई की सुबह करीब 8:30 बजे सफाई कर्मी और अन्य स्टाफ स्कूल पहुंचे, तो नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। स्कूल के मुख्य चैनल गेट का भारी-भरकम ताला टूटा हुआ पड़ा था।
वायरिंग से लेकर कंप्रेसर तक सब ले उड़े..
अंदर जाकर जब मुआयना किया गया तो पता चला कि चोरों ने कमरों के ताले तो नहीं तोड़े, लेकिन बरामदे और बाहरी हिस्से में जमकर उत्पात मचाया है। शातिर चोरों ने विद्यालय के बरामदे में लगी पूरी विद्युत वायरिंग और सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे की वायरिंग तक को नहीं बख्शा और उसे नोंच कर ले गए। इसके अलावा सीलिंग फैन के लिए लगा लगभग 120 मीटर लंबा तार, 3 नग पुराने सीलिंग फैन और भीषण गर्मी में बच्चों को ठंडा पानी मुहैया कराने के लिए लगाए गए 3 वाटर कूलर के बेशकीमती कंप्रेसर भी गायब थे। चोरी गए इस पूरे सामान की कुल कीमत लगभग 50,000 रुपये आंकी गई है।
पुलिस की पेट्रोलिंग पर उठते गंभीर सवाल?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक बड़े सरकारी स्कूल में इतनी बड़ी चोरी हो जाती है, भारी-भरकम कंप्रेसर खोले जाते हैं, सैकड़ों मीटर तार काटे जाते हैं, और पुलिस की पेट्रोलिंग टीम को भनक तक नहीं लगती? आखिर रात के अंधेरे में पुलिस की गश्ती गाड़ियां कहां थीं? चोरों ने जिस इत्मीनान से सीसीटीवी के तार काटे और वाटर कूलर के पुर्जे खोले हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि उन्हें पुलिस के आने का कोई डर नहीं था। क्या पूंजीपथरा पुलिस का खौफ इलाके के अपराधियों के दिलों से पूरी तरह खत्म हो चुका है? जब एक सरकारी स्कूल सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता के घरों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा?
फिलहाल, प्राचार्या के आवेदन पत्र के आधार पर पूंजीपथरा थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस अब घटनास्थल का मुआयना कर आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। लेकिन आम जनता का मानना है कि सिर्फ मामला दर्ज कर लेना ही काफी नहीं है, पुलिस प्रशासन को जल्द से जल्द इन शातिर चोरों को सलाखों के पीछे डालकर यह साबित करना होगा कि इलाके में कानून का राज और पुलिस का खौफ आज भी कायम है।













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