रायगढ़@टक्कर न्यूज :- शशि मोहन सिंह के बाद रायगढ़ पुलिस की कमान संभालते ही शहर का चेहरा बदल गया है। नाम है – ‘सुधार रायगढ़’। और इस अभियान का मतलब सिर्फ एक है – सुधार जाओ, वरना एसएसपी सुधार देंगे!







पहले जहां मोडिफाई साइलेंसर वाली बाइकें रात के अंधेरे में दहशत फैलाती थीं, वहीं आदतन गुंडे-बदमाश, चोर-उचक्के और गांजा-दारू-अफीम की खेती के ‘मददगार’ खुलेआम घूमते थे। अब वही सड़कें बदल गई हैं। हर तरफ पुलिस की सख्ती, लगातार छापेमारी और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां। शहर के हर कोने से एक ही आवाज आ रही है – खौफ गुंडों का, खुशी आम आदमी की।
कल रात ही मोडिफाइड साइलेंसर वाली तीन बाइकों पर सवार चार युवकों को पकड़ा गया। एसएसपी के सख्त निर्देश पर उनकी बाइकें जब्त, चालान नहीं – सीधे चालान। एक आरोपी ने हड़बड़ाकर पूछा, “सर, थोड़ा तो छोड़ दो…” जवाब मिला – “सुधार जाओ भाई, वरना हम सुधार देंगे!”
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ हफ्तों में ही आदतन गुंडागर्दी के १८, चोरी-उचकाई के २३ और नशीले पदार्थों की खेती व तस्करी में मदद करने वाले ७ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अफीम की खेती के लिए तैयार खेतों पर छापे मारे गए, गांजा के पौधे उखाड़े गए और दारू के अवैध अड्डों को ध्वस्त कर दिया गया।
एक स्थानीय दुकानदार साहिल मेहानी बताते हैं, “पहले रात ११ बजे के बाद दुकान बंद कर देते थे। गुंडे आकर धमकाते थे। अब रात ११ बजे भी चैन की सांस लेते हैं। एसएसपी साहब ने जो कहा, वो कर दिखाया – सुधार रायगढ़ सिर्फ नारा नहीं, हकीकत बन गया है।”
शहर के बाजारों, कॉलेजों और मोहल्लों में अब चर्चा का विषय यही है – पुलिस की लगातार कार्यवाही। ट्रैफिक से लेकर क्राइम तक हर जगह नजर आ रही है सख्ती। एसएसपी ने साफ संदेश दे दिया है – कोई भी अपराधी अब रायगढ़ में सिर उठाने की हिम्मत नहीं करेगा।
जो लोग पहले ‘रायगढ़ सुधरने वाला नहीं’ कहते थे, वे आज खुद मान रहे हैं – रायगढ़ सुधर रहा है। और ये सुधार तेजी से हो रहा है।
एक ही नारा हर अपराधी के कानों में गूंज रहा है –
“सुधार जाओ… वरना एसएसपी सुधार देंगे!”
रायगढ़ अब सिर्फ शहर नहीं, सुधार का मॉडल बनता जा रहा है।













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