EMERGENCY : इमरजेंसी वार्ड बना पार्किंग जोन.. तो चौकीदार बना कंपाउंडर.. तो कहा से होगी देख-रेख..?

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अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड बनी पार्किंग…

टक्कर न्यूज / रायगढ़ : गाड़ीचोरी होने का डर है या मनमर्जी। सरकारी डॉक्टर हों या अधीनस्थ स्टाफ, खुद को वीआईपी मानते हुए अपने टू व्हीलर वाहनों की पार्किंग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड तक में करते हैं। अस्पताल आपातकालीन परिसर को ही अवैध स्टैंड का अड्डा बना दिया है, अस्पताल प्रशासन की नाक के नीचे यह सब बेखौफ हो रहा है।

विशेष तौर पर इमरजेंसी यूनिट को स्टाफ मेंबरों ने पार्किंग अड्डा बना रखा है। सड़कों पर दौड़ने वाले ये वाहन कितनी धूल और कीटाणु अस्पताल के अंदर लाते हैं। अस्पताल में आने वाले आम लोगों को अपने वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग ठेकेदार को पैसे देकर जेब हलकी करनी पड़ती है लेकिन शायद अस्पताल स्टाफ पर से नियम लागू नहीं होते। शायद इसी कारण अस्पताल की एमरजेंसी को पार्किंग में बदल दिया गया है।

जिलाअस्पताल परिसर में बना है वाहन पार्किंग स्टैंड : कहनेको तो जिला अस्पताल में वाहन पार्किंग बनी हुई। जहां ठेकेदार द्वारा वाहन खड़े करने वाले लोगों को पर्चियां दी जाती हैं लेकिन अस्पताल का स्टाफ अपने निजी वाहनों को पार्किंग में खड़े करने की बजाय अस्पताल परिसर के भीतर ही पार्क कर रहे हैं शायद उन्हें अपने वाहन चोरी होने का ज्यादा डर है।

एमरजेंसीवार्ड में देखिए गाड़ियों की पार्किंग : सरकारी अस्पताल के एमरजेंसी यूनिट वार्ड में कक्ष के सामने वाहन दिखाई दे रहे हैं। गाड़ी कहीं चोरी हो जाए, इसलिए नजरों के सामने रखते हैं। साइकल से लेकर स्कूटर-मोटरसाइकिल स्कूटी तक अस्पताल के कमरों के बाजू मे पार्क हो रहे हैं। सड़कों पर दौड़ने वाले ये वाहन कितनी धूल और कीटाणु अस्पताल के अंदर लाते हैं।

गंभीरनहीं अस्‍पताल प्रशासन : ऐसाभी नहीं कि इसकी आला अधिकारियों को जानकारी हो। फिर भी इनके वाहनों को कोई हटाने की हिम्मत नहीं करता।

पुलिस चौकी के स्टाफ का क्या है कहना

वाहन वहा से हटाने को लेकर जब पुलिस चौकी के स्टाफ द्वारा बोला गया तब वहा के स्टाफ द्वारा दादा गिर कर चढ़ गए पुलिस कर्मी पर और जो करना है कर लो और हमारा कोई उखड़ नही सक्ता जैसे धमकी देने लगे।

जिला अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड के खास नजारे

गार्ड बना कंपाउंडर और कंपाउंडर है अपने मगन मे धुन घायल इंसान का मालम पट्टी करता है चौकीदार। जब पूछा गया तो उसने बताया मुझे बुलाया गया तभी मैं कर रहा हु याने देखा जाए तो गार्ड को लगातार बुलाया जाता होगा तभी तो गाड़िया हो रही है चोरी कही चौकीदार को काम मे भिड़ा कर कही चोरी को आजम देने का कारण तो नही? परंतु सवाल तो यह है बिना डिग्री के ट्रीटमेंट करने को बोला किसने और वह भी पुलिस लाई उस मरीज को?

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