ब्लैक मनी को व्हाइट करने वाले संगठित गिरोह की कमर टूटी, नोट गिनने की मशीन बरामद; BNS की ‘संगठित अपराध’ (धारा 111) के तहत ऐतिहासिक कार्रवाई







रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और हवाला कारोबार के एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए ‘ऑपरेशन क्लीन’ को एक नया आयाम दिया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में हुई इस ऐतिहासिक कार्रवाई में पुलिस ने 1 करोड़ 2 लाख रुपये से अधिक की नकदी, नोट गिनने की मशीन और अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। इस संगठित आर्थिक अपराध के तार रायगढ़ से लेकर दिल्ली तक जुड़े होने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।
पुलिस ने सट्टे की काली कमाई को सफेद (व्हाइट) करने वाले मास्टरमाइंड करण चौधरी (29) सहित हवाला नेटवर्क के प्रमुख मोहरे पुष्कर अग्रवाल (26) और उसके पिता सुनील कुमार अग्रवाल (58) को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि कुछ अन्य फरार सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की आड़ में हवाला का खेल..
पुलिस जांच में एक बेहद शातिर मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मुख्य खाईवाल करण चौधरी सट्टे से आने वाली करोड़ों की काली कमाई सीधे अपने बैंक खातों में नहीं रखता था। वह इस अवैध रकम को परिचित कारोबारियों, पेट्रोल पंपों और मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से कैश में डंप करता था। इसके बाद कृष्ण प्राइड टावर निवासी सुनील अग्रवाल और उनका बेटा पुष्कर अग्रवाल इस डंप किए गए कैश को हवाला नेटवर्क के जरिए सिस्टम में खपाने का काम करते थे। जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए आरोपियों द्वारा खुद के बजाय कर्मचारियों और परिचितों के बैंक खातों व मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
फ्लैट में चल रहा था ‘मिनी बैंक’, मशीन से गिने गए नोट..
करण चौधरी से मिली लीड के बाद पुलिस ने कृष्ण प्राइड टावर स्थित अग्रवाल के फ्लैट में दबिश दी। वहां का नजारा किसी मिनी बैंक जैसा था। पुलिस ने सुनील अग्रवाल के पास से 50 लाख रुपये और पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद बरामद किए। नकदी इतनी ज्यादा थी कि उसे गिनने के लिए मशीन का सहारा लेना पड़ा। इस पूरी कार्रवाई में 1,02,81,300 रुपये नकद सहित कुल 1.03 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है।
26 अप्रैल की कार्रवाई से जुड़े तार..
इस बड़े खुलासे की नींव 26 अप्रैल को ही रख दी गई थी, जब साइबर सेल और कोतवाली पुलिस ने 6 सटोरियों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में करण चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने सीधे हाथ डालने के बजाय टेक्निकल सर्विलांस, कॉल डिटेल्स, चैट रिकॉर्ड्स और फाइनेंशियल ट्रेल (वित्तीय लेनदेन) का बारीकी से विश्लेषण कर इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने की मजबूत कानूनी रूपरेखा तैयार की।
संगठित अपराध (BNS 111) के तहत कसा शिकंजा..
मास्टरमाइंड करण चौधरी आदतन अपराधी है, जिस पर पूर्व में मारपीट, रंगदारी और अपहरण जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। इस गिरोह के विशाल आर्थिक नेटवर्क और कार्यप्रणाली को देखते हुए पुलिस ने केवल जुआ एक्ट की खानापूर्ति नहीं की, बल्कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 (संगठित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तार आरोपी:
1. करण चौधरी उर्फ करन अग्रवाल (29) – निवासी श्याम नगर, ढिमरापुर चौक, रायगढ़ (मुख्य खाईवाल)
2. पुष्कर अग्रवाल (26) – निवासी फ्लैट नं 505, कृष्ण प्राइड टावर, रायगढ़ (हवाला एजेंट)
3. सुनील कुमार अग्रवाल (58) – निवासी फ्लैट नं 505, कृष्ण प्राइड टावर, रायगढ़ (हवाला एजेंट)
एसएसपी का कड़ा संदेश: “रायगढ़ जिले में सट्टा, हवाला, ब्लैक मनी और संगठित अपराध के किसी भी सिंडिकेट को पनपने नहीं दिया जाएगा। हमारी टीमें आर्थिक अपराधों की जड़ तक पहुंच रही हैं। पुलिस की यह कठोर कार्रवाई आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगी।”
बाइट: शशि मोहन सिंह, एसएसपी रायगढ़












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