रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- जिले में प्राकृतिक संपदा की रक्षा और अवैध उत्खनन पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन और खनिज विभाग इन दिनों लगातार सक्रिय मोड में है। हाल ही में विभाग द्वारा अवैध परिवहन पर की गई ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से कई माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है और वे भूमिगत हो गए हैं। लेकिन, प्रशासन के इस सख्त अभियान के बीच कुछ रसूखदार रेत माफियाओं ने शहर के बीचों-बीच दुस्साहस का एक ऐसा उदाहरण पेश किया है, जो सीधे तौर पर कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहा है।

शहर के हृदय स्थल काशीराम चौक पर इन माफियाओं ने अवैध रेत का एक विशाल 'काला पहाड़' खड़ा कर दिया है। हालांकि, अब यह मामला खनिज विभाग के आला अधिकारियों के संज्ञान में आ चुका है और माना जा रहा है कि विभाग इन माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी और सख्त स्ट्राइक करने की तैयारी में है।

शहर के बीचों-बीच माफियाओं का कब्जा

प्राप्त पुख्ता जानकारी के अनुसार, शहर के व्यस्ततम काशीराम चौक स्थित पेट्रोल पंप के ठीक बगल में, राखी सॉल्वेंट के पीछे और एक स्वास्थ्य केंद्र के एकदम सामने नियमों को ताक पर रखकर यह गोरखधंधा चल रहा है। स्वास्थ्य केंद्र जैसी संवेदनशील जगह के सामने डंपरों की भारी आवाजाही और धूल का गुबार मरीजों के लिए भी परेशानी का सबब बन रहा है।

इस पूरे काले कारोबार के पीछे जिन चेहरों से नकाब उठ रहा है, उनमें दुष्यंत साहू, इजराइल अंसारी और एक स्थानीय रसूखदार नेता का नाम प्रमुखता से शामिल है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि ये लोग पिछले कुछ समय से प्रशासन की नजरों से बचकर इस अवैध भंडारण को अंजाम दे रहे हैं।

लाखों की रेत, रॉयल्टी शून्य: सरकारी खजाने को चूना

सबसे हैरानी की बात यह है कि इस विशाल भंडारण की कोई वैध अनुमति (माइनिंग लाइसेंस) इन माफियाओं के पास नहीं है। बिना किसी पर्यावरण मंजूरी और बिना किसी रॉयल्टी पर्ची के करीब पांच लाख रुपये से अधिक कीमत की रेत का डंप शहर के बीचों-बीच लगा दिया गया है।

शासन को रॉयल्टी के नाम पर एक भी रुपया नहीं चुकाया गया है और इस बिना रॉयल्टी वाली रेत को दिन-दहाड़े डंपरों और ट्रैक्टरों के जरिए बाजार में ऊंचे दामों पर खपाया जा रहा है। इस खेल से सरकारी खजाने (राजस्व) को लगातार भारी नुकसान हो रहा है, जिसे रोकने के लिए अब विभागीय चाबुक चलना बेहद जरूरी हो गया है।

अधिकारियों ने कसा शिकंजा: माइनिंग ऑफिसर ने दिया सख्त संदेश

इस संगीन मामले को 'दैनिक खबर सार' द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिला खनिज विभाग एक्शन में आता दिख रहा है। विभाग के आला अधिकारियों ने इस अवैध डंपिंग को गंभीरता से लिया है।

इस संबंध में जब रायगढ़ के माइनिंग ऑफिसर रमाकांत सोनी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट और सख्त लहजे में कहा कि "मामले को तत्काल संज्ञान में लिया गया है। अवैध उत्खनन और भंडारण के खिलाफ विभाग की जीरो-टॉलरेंस नीति है। इस मामले में भी जल्द से जल्द स्पॉट पर जाकर कड़ी कार्यवाही की जाएगी और इस अवैध कृत्य में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"

अब उड़नदस्ते की दबिश का इंतजार

खनिज अधिकारी के इस सख्त रुख के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि काशीराम चौक के इन रसूखदार रेत माफियाओं के दिन अब लद चुके हैं। जिला कलेक्टर के कुशल निर्देशन में काम कर रही खनिज विभाग की टीम और उनका 'उड़नदस्ता' जल्द ही इस अवैध साम्राज्य को नेस्तनाबूत कर सकता है।

अब शहर की जनता और मीडिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग का अमला कब काशीराम चौक पर दबिश देता है और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले इन सफेदपोश तस्करों (दुष्यंत साहू और इजराइल अंसारी) के खिलाफ किन गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उनके वाहनों को राजसात करने की कार्रवाई करता है।