रायपुर@TAKKAR न्यूज :- राजधानी रायपुर से लेकर रायगढ़ तक इन दिनों एक बेहद शातिर और 'मीठे' फर्जीवाड़े की जमकर चर्चा हो रही है। रायगढ़ के कालिंदी कुंज निवासी एक ट्रांसपोर्टर बाप-बेटे की जोड़ी ने अपनी ठगी का ऐसा जाल बुना कि राजधानी रायपुर के आठ बड़े कारोबारी उसमें बुरी तरह फंस गए। इन दोनों ने सुनियोजित तरीके से अपनी रईसी और व्यापारिक रसूख की झूठी कहानी गढ़ी और बिना सोचे-समझे व्यापारियों से दो करोड़ रुपये से अधिक की शक्कर उधार में ले ली। जब इस लाखों-करोड़ों के माल के एवज में भुगतान करने की बारी आई, तो बाप-बेटे ने अपना असली रंग दिखा दिया। अब इस पूरे महा-ठगी के मामले में रायपुर के खमतराई थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस सरगर्मी से उनकी तलाश में जुट गई है।

यह पूरा घटनाक्रम किसी सस्पेंस फिल्म की पटकथा से कम नहीं है। पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, रायगढ़ के कालिंदी कुंज में रहने वाले राजेश कुमार अग्रवाल और उसके बेटे शैलेश अग्रवाल ने इस पूरी ठगी को बड़े ही शातिराना अंदाज में अंजाम दिया। मुख्य आरोपी राजेश अग्रवाल खुद को महावीर ट्रांसपोर्ट और चंदगीराम कोल्ड स्टोरेज का मालिक बताता था। उसने रायपुर के रामसागरपारा स्थित 'होटल आई स्टे' में डेरा डाला और खुद को एक अत्यंत प्रभावशाली, संपन्न और सक्षम व्यापारी के रूप में पेश किया। अपनी इसी तथाकथित ऊंची हैसियत का वास्ता देकर उसने रायपुर के शक्कर व्यापारियों के साथ एक के बाद एक कई डील फाइनल कीं। उसने व्यापारियों को झांसा दिया कि माल रायगढ़ पहुंचते ही अधिकतम तीन से चार दिनों के भीतर उनके बैंक खातों में पूरा भुगतान कर दिया जाएगा।

व्यापारी भी उसकी चिकनी-चुपड़ी बातों, रसूख के दिखावे और व्यापार बढ़ने के लालच में आ गए। सबसे पहले खमतराई स्थित सिंघल प्रोविजन के संचालक राजेश अग्रवाल ने उस पर विश्वास जताते हुए 16 लाख 34 हजार 700 रुपये की शक्कर रायगढ़ भेज दी। लेकिन, जैसे ही माल रायगढ़ पहुंचा, बाप-बेटे की नीयत पूरी तरह से बदल गई। वादे के मुताबिक चार-पांच दिन बीत जाने के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ, तो व्यापारियों ने अपने पैसों का तकादा करना शुरू किया। शुरुआत में तो आरोपी बाप-बेटा तरह-तरह के बहाने बनाकर टालमटोल करते रहे, लेकिन जब व्यापारियों की तरफ से दबाव बढ़ा तो उन्होंने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने व्यापारियों के फोन उठाना बंद कर दिए, उनके मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए और यहां तक कि खुद को शक्कर व्यापारियों के उस व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर कर लिया जिसके जरिए वे जुड़े हुए थे।

जब कारोबारियों को एहसास हुआ कि वे एक बहुत बड़ी और सुनियोजित धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं, तो उन्होंने एकजुट होकर पुलिस की शरण ली। खमतराई थाना पुलिस ने पीड़ित व्यापारियों की सामूहिक शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए आरोपी राजेश अग्रवाल और शैलेश अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316 (5), 318 (4) और 60 (ए) के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। पुलिसिया जांच में जो ठगी का कुल आंकड़ा सामने आया, उसने सभी के होश उड़ा दिए। इन आरोपियों ने एक ही पैंतरे का इस्तेमाल कर आठ अलग-अलग व्यापारियों से कुल 2 करोड़ 1 लाख 36 हजार 633 रुपये का माल डकार लिया।

इस महा-ठगी का शिकार हुए कारोबारियों में राजधानी ट्रेडर्स के नितेश जैन से 21 लाख 36 हजार 792 रुपये, आरके बंसल एंड कंपनी के रूपक अग्रवाल से 29 लाख 5 हजार 600 रुपये, केएच शुगर के धीरज धुप्पड़ से 15 लाख 75 हजार रुपये, वर्धमान ट्रेडिंग अंबिकापुर के अंकित कुमार तायल से 46 लाख 21 हजार 233 रुपये, तुलश्यन ट्रेडर्स के मदनलाल अग्रवाल से 19 लाख 49 हजार 410 रुपये, फर्म भगवानदास भोजराज के अमित छाबड़िया से 22 लाख 73 हजार 994 रुपये, बालाजी गुड्स के प्रकाश अग्रवाल से 30 लाख 14 हजार 904 रुपये और सिंघल प्रोविजन के राजेश अग्रवाल से 16 लाख 34 हजार 700 रुपये की धोखाधड़ी शामिल है। इस भारी-भरकम ठगी के खुलासे के बाद से पूरे प्रदेश के कारोबारी जगत में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की सघन जांच कर रही है और माना जा रहा है कि जल्द ही इन शातिर बाप-बेटे की गिरफ्तारी के लिए रायगढ़ में दबिश दी जा सकती है।