रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- महान संत, प्रखर कवि और समाज सुधारक शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष को एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने एक विराट रूपरेखा तैयार की है। समूचे देश में 'समरसता संकल्प अभियान' का भव्य शंखनाद होने जा रहा है, जिसकी विस्तृत जानकारी मंगलवार को रायगढ़ में आयोजित एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मल सिन्हा ने साझा की। यह महाभियान केवल एक आयोजन भर नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक समानता, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता का संदेश पहुंचाने का एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन है।
'बेगमपुरा' की परिकल्पना और सामाजिक न्याय का शंखनाद
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मल सिन्हा ने गुरु रविदास जी के समानता के महान सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 15वीं शताब्दी के उस अंधकारमय दौर में भी संत रविदास ने एक ऐसे आदर्श समाज 'बेगमपुरा' की कल्पना की थी, जहां न कोई राजा हो और न कोई रंक। एक ऐसा शहर जो हर प्रकार के दुख, भेदभाव और ऊंच-नीच की बेड़ियों से पूर्णतः मुक्त हो। संत रविदास ने जाति-व्यवस्था और कर्मकांडों की जकड़न पर कड़ा प्रहार करते हुए यह स्पष्ट किया था कि किसी भी इंसान का मूल्य उसके जन्म या जाति से नहीं, बल्कि उसके कर्म और चरित्र से तय होता है। उन्होंने समाज को यह ज्ञान दिया कि एक ही ईश्वर कण-कण में बसता है और उसके दरबार में सभी एक समान हैं, इसलिए मंदिर-मस्जिद या बाहरी आडंबरों से अधिक मन की शुद्धि आवश्यक है। निर्मल सिन्हा ने जोर देते हुए कहा कि आज इसी 'बेगमपुरा' के दर्शन को आधार मानकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र को चरितार्थ कर रही है।
आषाढ़ से माघ पूर्णिमा तक चलेगा जन-जागरण का महाभियान
भविष्य की रणनीतियों और आयोजनों का खाका खींचते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया कि यह वैचारिक महाभियान 29 जुलाई 2026 (आषाढ़ पूर्णिमा) के पावन अवसर से आरंभ होकर 20 फरवरी 2027 (माघ पूर्णिमा) तक अनवरत चलेगा। इस ऐतिहासिक अभियान का शुभारंभ 29 जुलाई से 'समरसता दीप महोत्सव' के रूप में होगा। इसके तहत गुरु पूर्णिमा की गौरवशाली संध्या पर देशभर के 51 हजार से अधिक मंदिरों में आस्था के दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। वहीं, काशी के पावन संत रविदास घाट पर 11 हजार दीपों की जगमगाहट के बीच भजन, प्रवचन और विशाल भंडारे का आयोजन इस महोत्सव को और भी अलौकिक बनाएगा। इसी कड़ी में 29 जुलाई से 10 सितंबर तक 'कलश वंदन अभियान' चलाया जाएगा, जिसके तहत वाराणसी स्थित जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर की पवित्र मिट्टी 131 कलशों में भरकर विभिन्न प्रदेशों में भेजी जाएगी। बाद में इस पावन माटी को 21 हजार कलशों के माध्यम से गांव-गांव की पगडंडियों और घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।
संत संपर्क से लेकर समरसता यात्रा तक, युवाओं को जोड़ने की मजबूत पहल
समाज के हर वर्ग को इस वैचारिक क्रांति से सीधे तौर पर जोड़ने के लिए 29 जुलाई से 31 अगस्त तक 'संत संपर्क अभियान' चलाया जाएगा। इसमें पार्टी के पदाधिकारी हर जिले में गुरु रविदास परंपरा से जुड़े संतों के द्वार पहुंचकर उनका सम्मान करेंगे और सामाजिक समरसता का ध्वज फहराएंगे। इसके पश्चात 5 अक्टूबर से 5 नवंबर के मध्य एक विशाल 'समरसता यात्रा' निकाली जाएगी, जो जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां से शुरू होकर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों से गुजरते हुए वाराणसी तक का मीलों लंबा सफर तय करेगी। युवा शक्ति को गुरु रविदास जी के प्रगतिशील विचारों से अभिसिंचित करने के उद्देश्य से 26 नवंबर से 15 जनवरी तक देश के विभिन्न छात्रावासों में 'छात्रावास संपर्क अभियान' भी सघन रूप से चलाया जाएगा। इसके माध्यम से समरसता संवाद स्थापित कर नई पीढ़ी को इस महान संत के दर्शन से जोड़ा जाएगा।
अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान और दिग्गजों की उपस्थिति
निर्मल सिन्हा ने संपूर्ण समाज, संत-महात्माओं और विशेषकर युवाओं से इस राष्ट्रीय स्तर के अभियान में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संत रविदास जी के सिद्धांत ही भारतीय जनता पार्टी की राजनीति और जनकल्याण का मुख्य आधार हैं। रायगढ़ में आयोजित इस प्रभावशाली प्रेस वार्ता में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस महत्वपूर्ण अवसर पर गुरुपाल सिंह भल्ला, सुभाष पांडे, विवेकरंजन सिन्हा, विकास केडिया, जीवर्धन चौहान, अरुण कातोरे, पावन अग्रवाल, पवन शर्मा, अनुपम पाल, डिग्री लाल, सुषमा खलखो और यशवंत कुमार शिंदे सहित कई गणमान्य भाजपा पदाधिकारी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए इस समरसता संकल्प को सिद्ध करने के लिए पूरी तरह से एकजुट नजर आए।
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