रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- शहर का सबसे शांत और पॉश रिहायशी इलाका, टीवी टावर के आगे और अंकुर अस्पताल के ठीक सामने की एक सामान्य-सी दिखने वाली गली। शाम के सात बज रहे थे और चहल-पहल आम दिनों की तरह ही थी। किसी को रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि जिस पड़ोस में वे अपने परिवारों के साथ एक सुकून की जिंदगी जी रहे हैं, वहां बंद दरवाजों के पीछे जिस्मफरोशी का एक बड़ा और संगठित बाजार सज रहा है। लेकिन, इस शांति को चीरती हुई जब सादे लिबास और पुलिस वर्दी में एक विशेष टीम ने अचानक एक मकान की घेराबंदी कर दबिश दी, तो पूरे इलाके में मानो भूचाल आ गया। रायगढ़ पुलिस की इस सटीक 'सर्जिकल स्ट्राइक' ने शहर के भीतर पनप रहे एक ऐसे गंदे खेल का पर्दाफाश किया है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है।

यह कोई आनन-फानन में उठाया गया कदम नहीं था। पिछले कई दिनों से रायगढ़ पुलिस को लगातार अपने मुखबिरों से यह गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि इस विशिष्ट मकान में असामाजिक तत्वों और अनजान चेहरों की आवाजाही कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। मामला एक प्रतिष्ठित रिहायशी इलाके और अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह के ठीक सामने का था, इसलिए रायगढ़ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। बिना कोई वक्त गंवाए, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के कुशल नेतृत्व में चक्रधर नगर थाना पुलिस और साइबर सेल की एक गोपनीय संयुक्त टीम का गठन किया गया। ऑपरेशन को इतना गुप्त रखा गया कि आसपास के परिंदों को भी इसकी भनक नहीं लगी।

शाम ढलते ही 'ऑपरेशन क्लीन' का बिगुल बज गया। ठीक 7 बजे, जब इलाके में लोगों की सामान्य आवाजाही चल रही थी, पुलिस की टीम बिजली की फुर्ती से उस तयशुदा मकान के भीतर दाखिल हुई। पुलिस के इस अचानक एक्शन से अंदर मौजूद लोगों के होश फाख्ता हो गए। उन्हें न तो संभलने का मौका मिला और न ही भागने का कोई रास्ता नजर आया। जब पुलिस अधिकारियों ने मकान के भीतर कदम रखा और कमरों की तलाशी लेनी शुरू की, तो अंदर का नजारा देखकर वे खुद भी दंग रह गए। बाहर से एक साधारण सा दिखने वाला यह रिहायशी मकान अंदर से पूरी तरह एक 'वेश्यालय' में तब्दील हो चुका था।

छानबीन के दौरान यह साफ हो गया कि यह कोई छोटा-मोटा या छिटपुट काम नहीं, बल्कि एक बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा देह व्यापार का अड्डा था। मकान के भीतर बाकायदा लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग कमरों की विशेष व्यवस्था की गई थी। मौके से पुलिस ने चार युवतियों और दो युवकों को संदिग्ध अवस्था में रंगे हाथों दबोच लिया। इसके अलावा, मकान के कोनों और कमरों से भारी मात्रा में देह व्यापार में इस्तेमाल होने वाली आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद हुईं, जो इस बात की चीख-चीख कर गवाही दे रही थीं कि यहां किस पैमाने पर अनैतिक कार्य को अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस ने फौरन सभी साक्ष्यों को जब्त कर लिया है।

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से इलाके के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। सभ्य समाज के बीच चल रहे इस गोरखधंधे ने सीधे तौर पर मकान मालिकों की नीयत और उनकी नागरिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पड़ोस में रहने वाले एक स्थानीय नागरिक सुमित कुमार अग्रवाल ने पुलिस और प्रशासन के सामने अपना कड़ा आक्रोश जताते हुए सीधे तौर पर मकान मालिक को कटघरे में खड़ा किया है। उनका तीखा सवाल है कि क्या मकान मालिक सिर्फ मोटा किराया वसूलने और पैसा खाने के लिए अपनी आंखें मूंद कर बैठे हैं? क्या महज चंद रुपयों के लालच में उनकी यह जिम्मेदारी खत्म हो जाती है कि उनका मकान किसे दिया जा रहा है और वहां क्या गुल खिलाए जा रहे हैं? सुमित अग्रवाल ने पुलिस प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि ऐसे मकान मालिक के खिलाफ भी सह-आरोपी बनाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने पुलिस वेरिफिकेशन के अहम मुद्दे को उठाते हुए पूछा है कि आखिर बिना गहन जांच-पड़ताल के इन संदिग्ध महिला-पुरुषों को यहां रहने की इजाजत कैसे मिल गई?

सूत्रों की मानें तो इस पूरे गंदे खेल की जड़ें काफी गहरी हो सकती हैं और इसके तार कई बड़े चेहरों से जुड़े हो सकते हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जिस मकान में यह रैकेट चल रहा था, वह गढ़ उमरिया के रहने वाले इंद्र साहू का बताया जा रहा है। अब पुलिस के लिए यह जानना सबसे अहम है कि इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कौन है।

फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान (प्रेस नोट) का इंतजार किया जा रहा है। पकड़े गए सभी छह आरोपियों को एक गुप्त स्थान पर रखा गया है, जहां उनसे कड़ाई से सघन पूछताछ जारी है। पुलिस अब इन आरोपियों के मोबाइल फोन्स और कॉल डिटेल्स खंगालने में जुट गई है। शहरवासियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि जब इन मोबाइल फोन्स के राज खुलेंगे, तो शहर के वे कौन-कौन से 'सफेदपोश' बेनकाब होंगे, जो दिन के उजाले में तो शरीफ होने का चोला पहनते हैं, लेकिन असल में इस गंदे खेल के नियमित ग्राहक या संरक्षक बने हुए थे। पुलिस की इस दमदार कार्रवाई ने शहर में देह व्यापार का धंधा चलाने वाले दलालों की रातों की नींद उड़ा दी है।