रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- जिले के ग्रामीण अंचलों में सालों से विकास की बाट जोह रही सड़कों की बदहाली अब एक बड़े जनांदोलन का रूप लेने जा रही है। रायगढ़-घरघोड़ा मुख्य मार्ग पर कुंजारा हाई स्कूल के पास शनिवार, 1 अगस्त को एक वृहद चक्काजाम होने जा रहा है। क्षेत्र के कद्दावर नेता और प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता रवि भगत ने इस आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। सोशल मीडिया और विशेषकर व्हाट्सएप ग्रुप्स में तेजी से वायरल हो रहे अपने एक वीडियो संदेश में रवि भगत ने स्पष्ट कर दिया है कि 20-25 सालों से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही तोलगे-टपके-कुंजारा सड़क के लिए अब मूकदर्शक बनकर नहीं बैठा जा सकता। प्रशासन और सरकार की कुंभकर्णी नींद तोड़ने के लिए कल सुबह 10:30 बजे सड़क पर जनता का महासंग्राम देखने को मिलेगा।
25 सालों का नासूर और सत्ता की अनदेखी
विकास के तमाम सरकारी दावों की पोल खोलती तोलगे, टपके और कुंजारा की यह सड़क पिछले दो दशकों से अधिक समय से जर्जर अवस्था में है। रवि भगत ने अपने बयान में गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि बीते 25 सालों से सरकारें आईं और गईं, लेकिन इस सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं रहा। ग्रामीण, किसान और स्कूली बच्चे रोज इस जानलेवा और खस्ताहाल मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को जनता का यह दर्द दिखाई नहीं देता। भगत का यह सीधा आरोप है कि सरकारें केवल कागजों पर सड़कें बनाती हैं, जबकि हकीकत में जनता गड्ढों और धूल फांकने को विवश है। इसी अनदेखी के खिलाफ अब जनता का धैर्य जवाब दे गया है और कल का चक्काजाम इसी उबलते हुए जन-आक्रोश का सीधा परिणाम होगा।
'चाहे पानी गिरे या तूफान आए, सड़क पर डटे रहेंगे'
इस आंदोलन की सबसे खास बात वह दृढ़ संकल्प है, जिसका आह्वान रवि भगत ने किया है। वर्तमान मौसम को देखते हुए उन्होंने आंदोलनकारियों और क्षेत्र की जनता से साफ कहा है कि यह संघर्ष मौसम की मोहताज नहीं है। उन्होंने अपने ठेठ और प्रभावशाली अंदाज में अपील की है कि अगर कल पानी भी गिरता है या तूफान भी आता है, तो भी आंदोलन एक इंच पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने माताओं, बहनों, युवाओं और बुजुर्गों से छाता, पारंपरिक 'खुमरी' (पत्तों से बना छाता) और रेनकोट लेकर सड़क पर उतरने का आह्वान किया है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह कोई सामान्य प्रदर्शन नहीं है, बल्कि एक ऐसा जिद्दी सत्याग्रह है जो अपना हक लिए बिना वापस नहीं लौटेगा।
रायगढ़-घरघोड़ा मार्ग पर थमेगी रफ्तार, प्रशासन के लिए खुली चुनौती
कुंजारा हाई स्कूल के पास होने वाला यह चक्काजाम रायगढ़ और घरघोड़ा को जोड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण लाइफलाइन को सीधा प्रभावित करेगा। यह मार्ग औद्योगिक परिवहन और आम यातायात का प्रमुख केंद्र है। शनिवार सुबह 10:30 बजे जब हजारों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतरेंगे, तो पूरे इलाके की रफ्तार थमना तय है। रवि भगत के नेतृत्व में होने जा रहा यह शक्ति प्रदर्शन स्थानीय प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। जिस तरह से उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए घर-घर तक अपनी बात पहुंचाई है, उससे भारी भीड़ जुटने की पूरी संभावना है।
अब देखना यह होगा कि 25 सालों तक जनता की तकलीफों को नजरअंदाज करने वाला जिला प्रशासन कल इस उग्र जन-आंदोलन का सामना कैसे करता है। क्या कल का यह ऐतिहासिक चक्काजाम सरकार को मजबूर करेगा कि वह तत्काल सड़क निर्माण की घोषणा करे, या फिर टकराव की कोई नई स्थिति निर्मित होगी? फिलहाल, रवि भगत की इस हुंकार ने रायगढ़ जिले की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप जरूर मचा दिया है। कल की सुबह रायगढ़-घरघोड़ा मार्ग पर एक निर्णायक लड़ाई की गवाह बनने वाली है।
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