रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- शराब के शौकीनों के लिए यह खबर बेहद चौंकाने वाली है। आप जिस प्रतिष्ठित और महंगी ब्रांड की शराब को असली समझकर पी रहे हैं, हो सकता है वह आपकी जान ले ले। रायगढ़ में लंबे समय से आम जनता की सेहत से खिलवाड़ कर 'मौत' बांटने वाले एक बड़े और संगठित नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत, रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में एक बड़ी रेड कर भारी मात्रा में नकली शराब की खेप और उसे बनाने का जखीरा बरामद किया है।
ब्रांडेड शराब के नाम पर परोसा जा रहा था जहर
यह गिरोह नामी ब्रांड्स जैसे- रॉयल स्टेज, आईबी, ब्लैक डॉग, गोवा, रिजर्व क्वार्टर और किंगफिशर बियर की खाली बोतलों में नकली शराब भरकर उसे असली के रूप में खपा रहा था। पुलिस की इस दबिश में 869 नग (करीब 240 लीटर) अवैध और मिलावटी शराब जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 16 हजार रुपये से अधिक है।
चायपत्ती और स्प्रिट से तैयार होता था 'मौत का कॉकटेल'
पुलिस की विस्तृत पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू ने जो खुलासे किए हैं, वह रोंगटे खड़े करने वाले हैं। आरोपी ने कबूला कि वह अपने भाई सुभाष पटेल और सहयोगी विनय सिंह के साथ मिलकर अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से सस्ती शराब मंगाता था। इस शराब में स्प्रिट और अन्य हानिकारक पदार्थों के साथ रेड लेबल चायपत्ती का इस्तेमाल कर शराब की मात्रा बढ़ाई जाती थी। कबाड़ से चुनी गई पुरानी ब्रांडेड बोतलों को साफ कर उनमें यह नकली शराब भरी जाती थी और अंत में डुप्लीकेट लेबल तथा नकली होलोग्राम लगाकर इसे 'कोचियों' (स्थानीय अवैध विक्रेताओं) के माध्यम से असली शराब के रेट पर बाजार में उतारा जाता था। यह जानलेवा कारोबार कोरोना काल के समय से ही चोरी-छिपे चल रहा था।
प्वाइंटर भेजकर किया गया था सत्यापन
पुलिस को जब इस बड़े नेटवर्क की भनक लगी, तो बेहद सावधानी से जाल बिछाया गया। पुलिस ने अपने एक 'प्वाइंटर' को ग्राहक बनाकर आरोपी के पास भेजा और दो पौव्वा गोवा शराब खरीदी। आबकारी अधिकारियों द्वारा इसकी सुगंध, स्वाद, लेबल और होलोग्राम की जांच करने पर यह पूरी तरह से नकली साबित हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी के घर और गाय रखने वाले कोठे पर दबिश दी, जहां से शराब बनाने का पूरा कारखाना पकड़ा गया।
पुलिस की बड़ी जब्ती और कार्रवाई
मौके से पुलिस ने शराब के 560 ढक्कन, स्प्रिट के ड्रम, केटली और भारी मात्रा में खाली बोतलें भी जब्त की हैं। इस मामले में ग्राम धनागर निवासी 47 वर्षीय दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य सरगना सुभाष पटेल और विनय सिंह अभी भी फरार हैं। आरोपियों के खिलाफ कोतरारोड़ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 336(3), 336(4), 340(2), 275 तथा आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36-च, 34(1)(क)(ख) और 59-क के तहत गंभीर अपराध दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है और फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
SSP का सख्त संदेश: "जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही पुलिस"
इस सफल कार्रवाई पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट और कड़ा संदेश देते हुए कहा कि नकली शराब कारोबारियों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उसके प्रत्येक सदस्य के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और आम जनता की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में एएसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा, सहायक आयुक्त आबकारी क्रिस्टोफर खलखो, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक, कोतरारोड थाना प्रभारी निरीक्षक शील कुमार आदित्य और आबकारी उप निरीक्षक रागनी नायक की अहम भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अवैध नशे के खिलाफ "ऑपरेशन आघात" की आंधी थामने वाली नहीं है।
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