कांकेर@TAKKAR न्यूज :- कांकेर के सरकारी अस्पताल से चिकित्सा व्यवस्था और संवेदनशीलता को झकझोर देने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। अस्पताल की मरचुरी (शवगृह) में सुरक्षित रखे गए एक शव के पैर के पंजे गायब मिलने के बाद अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। अपनों को खोने के गहरे सदमे में डूबे परिजनों ने जब सुबह शव की यह दुर्दशा देखी, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। इस शर्मनाक और अमानवीय घटना के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इलाज के दौरान तोड़ा था दम, रात होने पर शवगृह में रखवाया था पार्थिव शरीर
मिली जानकारी के अनुसार, कांकेर निवासी रौशन कौशिक की कल शाम अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। घबराए परिजनों ने बिना देर किए उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद रौशन कौशिक की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और कुछ ही देर बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रात काफी गहरा चुकी थी, जिसके चलते परिजनों ने आपसी सहमति से शव को रातभर अस्पताल की मरचुरी में सुरक्षित रखने और अगली सुबह विधिवत अंतिम संस्कार के लिए घर ले जाने का फैसला किया। परिजनों को तनिक भी अंदेशा नहीं था कि जिस अस्पताल पर वे भरोसा कर रहे हैं, वहां उनके दिवंगत परिजन के शव के साथ ऐसी भयावह घटना घट जाएगी।
सुबह का खौफनाक मंजर: चादर हटते ही उड़ गए परिजनों के होश
अगली सुबह जब परिजन पूरी तैयारी के साथ शव लेने मरचुरी पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। शव के ऊपर से चादर हटाते ही परिजनों ने देखा कि मृतक के पैर के पंजे गायब थे। शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा हुआ था। यह खौफनाक मंजर देखते ही परिजनों का आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का सीधा आरोप है कि यह अस्पताल की भारी लापरवाही का नतीजा है। शवगृह में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और आशंका जताई जा रही है कि चूहों या अन्य जानवरों ने शव को बुरी तरह नोच डाला है, या फिर इसके पीछे कोई गंभीर सुरक्षा चूक है।
लिखित शिकायत दर्ज, अस्पताल प्रबंधन ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रबंधन को लिखित शिकायत सौंपकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद अस्पताल में तनाव की स्थिति बन गई।
अस्पताल प्रबंधक डॉ. अमित पांडेय ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर है। परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की आंतरिक जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। मरचुरी की सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका की गहनता से पड़ताल की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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