रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- जिले के वनांचल क्षेत्रों में सक्रिय वन्यजीव तस्करों और शिकारियों के नापाक मंसूबों पर वन महकमे ने जोरदार प्रहार किया है। ग्राम तिलगा में वन्यजीव के अवैध शिकार और उसके मांस के खुलेआम सौदे की पुख्ता भनक लगते ही वन विभाग के विशेष उड़नदस्ते ने घेराबंदी कर रंगे हाथों तीन शातिर शिकारियों को दबोच लिया। मौके से शिकार किए गए जंगली सूअर का लगभग 30 किलोग्राम ताजा मांस, वजन तौलने का कांटा और कटाई में प्रयुक्त धारदार हथियार जब्त किए गए हैं। वन विभाग की इस औचक और सख्त घेराबंदी से इलाके के अवैध शिकारियों और बिचौलियों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।

लगातार मिल रहे इनपुट पर बिछाया गया मुखबिर तंत्र का जाल

वन परिक्षेत्र अधिकारी से प्राप्त आधिकारिक ब्योरे के मुताबिक, विभागीय टीम को पिछले कुछ समय से गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि क्षेत्र के जंगलों में बेजुबान वन्यजीवों को निशाना बनाकर उनके मांस का अवैध कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। इस संगठित गोरखधंधे की जड़ों तक पहुंचने के लिए वन महकमे ने बेहद गोपनीय रणनीति तैयार की। अधिकारियों ने अपने मुखबिर तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर इलाके में पैनी निगरानी बढ़ा दी थी। जैसे ही सूचना मिली कि ग्राम तिलगा में एक जंगली सूअर का अवैध शिकार कर लिया गया है और उसे काटकर ग्राहकों को खपाने की तैयारी जोरों पर चल रही है, टीम तुरंत हरकत में आ गई।

रेड पड़ते ही मची भगदड़, घेराबंदी कर तीन आरोपियों को दबोचा

मुखबिर से स्थान और समय की सटीक तस्दीक होते ही उड़नदस्ते की संयुक्त टीम ने बिना वक्त गंवाए तिलगा स्थित ठिकाने पर बिजली की तेजी से दबिश दी। छापेमार कार्रवाई होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आरोपी भागने की फिराक में थे, लेकिन चारों तरफ से मुस्तैद वन अमले ने उन्हें संभलने का जरा भी मौका नहीं दिया। मौके की सघन तलाशी लेने पर जमीन पर कटा हुआ लगभग 30 किलोग्राम जंगली सूअर का ताजा मांस बरामद किया गया। इसके साथ ही मौके से मांस तौलने के लिए रखा तराजू, शिकार व मांस काटने में इस्तेमाल किया गया 1 चाकू और 2 धारदार कुल्हाड़ियां भी बरामद कर सील कर दी गईं।

सलाखों के पीछे पहुंचे शिकारी, पूरे सिंडिकेट की जांच जारी

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की शिनाख्त बालाराम राठिया (पिता अर्जुन राठिया, निवासी ग्राम तिलगा), दीनबंधु राठिया (पिता जगमोहन राठिया, निवासी ग्राम तिलगा) तथा कार्तिक विश्वकर्मा (पिता नरेश विश्वकर्मा, निवासी ग्राम बेहरपाली) के रूप में हुई है। वन विभाग ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग अब इस बात की भी बारीकी से तफ्तीश कर रहा है कि इस अवैध शिकार में कौन-कौन से औजार या फंदे इस्तेमाल किए गए थे और इस मांस के खरीदार कौन थे, ताकि पूरे सिंडिकेट पर शिकंजा कसा जा सके।