रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- सरकारी दफ्तरों में सूचना का अधिकार कानून को किस कदर औपचारिकता बना दिया जाता है, इसका बड़ा खुलासा रायगढ़ में हुआ है। ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की आड़ में चल रहे खेल और ड्राइविंग टेस्ट में पास-फेल के आंकड़ों को छिपाने के लिए परिवहन विभाग ने जो बहानेबाजी की, उसकी हवा प्रथम अपीलीय न्यायालय में निकल गई। अतिरिक्त कलेक्टर एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने आरटीओ विभाग के ढुलमुल रवैये को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया है कि 15 दिन के भीतर आवेदक को समस्त प्रमाणित दस्तावेज सौंपे जाएं और पालन प्रतिवेदन कोर्ट में जमा किया जाए।
ड्राइविंग टेस्ट का रिकॉर्ड छुपाने की कोशिश, थमा दिया वेबसाइट का लिंक कबीर चौक निवासी दीपक शोभवानी ने आरटीआई के तहत जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच बने लर्निंग व स्थायी लाइसेंस, टेस्ट में पास और फेल हुए आवेदकों की संख्या और अंतिम रूप से जारी लाइसेंस का माहवार ब्योरा मांगा था। आवेदक ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 2(j)(ii) के तहत संबंधित रजिस्टरों और सरकारी आंकड़ों की सील-हस्ताक्षरित प्रमाणित प्रतियां मांगी थीं। आरटीओ विभाग ने ठोस जानकारी देने के बजाय आवेदक को विभागीय पत्र थमाते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, इसलिए वे परिवहन विभाग की वेबसाइट 'सारथी पोर्टल' के रिपोर्ट सेक्शन से खुद जानकारी निकाल लें।
पोर्टल पर नहीं मिलता जिले का समेकित रिकॉर्ड, अपीलार्थी के तर्क से फंसा विभाग अपीलार्थी ने प्रथम अपीलीय न्यायालय में हाजिर होकर विभाग के खेल की पोल खोल दी। उन्होंने अपने लिखित बयान में स्पष्ट किया कि सारथी पोर्टल पर कोई भी व्यक्ति केवल अपने व्यक्तिगत आवेदन का स्टेटस देख सकता है। पूरे जिले का समेकित माहवार रिकॉर्ड, टेस्ट रजिस्टर और पास-फेल का आंतरिक डेटाबेस आम जनता के लिए पोर्टल के होमपेज पर उपलब्ध नहीं होता है। इसके अलावा, वेबसाइट से कभी भी सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित और सील-हस्ताक्षरित रिकॉर्ड नहीं निकाला जा सकता, जिसकी स्पष्ट मांग की गई थी।
अपर कलेक्टर का दो-टूक फैसला, 15 दिन में देनी होगी पूरी जानकारी अपीलीय न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्कों और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद माना कि जनसूचना अधिकारी द्वारा दिया गया वेब लिंक पूरी तरह से अपर्याप्त है और उससे मांगी गई जानकारी नहीं मिल सकती। कोर्ट ने आरटीओ की दलील को निरस्त करते हुए जिला परिवहन एवं जनसूचना अधिकारी रायगढ़ को सख्त आदेश जारी किया है कि वे सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत 15 दिन के भीतर आवेदक को समस्त चाही गई प्रमाणित जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। इस आदेश के बाद अब परिवहन कार्यालय को ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट से जुड़ा पूरा आधिकारिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करना ही होगा।
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