रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- जिले में कीमती वन संपदा पर कुल्हाड़ी चलाने वाले तस्करों और अवैध कारोबारियों के खिलाफ वन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जंगल की हरियाली को उजाड़कर बेशकीमती सागौन के पेड़ों को ठिकाने लगाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां तस्कर बेखौफ होकर रिहायशी इलाके में ही अवैध लकड़ी की चिरान और कटाई करवा रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग के उड़नदस्ता दल ने त्वरित एक्शन लेते हुए ग्राम भगोरा स्थित एक मकान में अचानक दबिश दी। टीम जैसे ही मकान के भीतर दाखिल हुई, वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। घर के आंगन और बाड़े को बाकायदा अवैध आरा मिल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था, जहां सागौन के भारी-भरकम लट्ठों की कटाई का काम धड़ल्ले से चल रहा था।
जंगल से उजड़े हरे-भरे पेड़, रिहायशी मकान बना अवैध डिपो
स्थानीय सूत्रों से छनकर आ रही जानकारी के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति लंबे समय से जंगलों में अवैध कटाई की गतिविधियों में लिप्त था। उसने आसपास के संरक्षित वन क्षेत्र से सागौन के हरे-भरे पेड़ों पर बेरहमी से कुल्हाड़ी चलाई और फिर योजनाबद्ध तरीके से उन लकड़ियों को जंगल से बाहर लाकर गांव में अपने ठिकाने पर डंप कर दिया। उसका मकसद इन कीमती लकड़ियों को स्थानीय स्तर पर खपाने के साथ-साथ अपने निजी मकान के निर्माण और साज-सज्जा में इस्तेमाल करना था। आरोपी ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए कई चालें चली थीं। काटे गए पेड़ों के कुछ हिस्सों को उसने अपने नजदीकी परिचितों और करीबियों तक पहुंचा दिया था, ताकि जांच की आंच उस तक सीधे न पहुंचे और माल भी सुरक्षित बंट जाए।
जंगल के भीतर छिपाकर कटाई, उड़नदस्ता को मिले पुख्ता सबूत
कार्रवाई के दौरान यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि आरोपी केवल घर पर ही नहीं, बल्कि जंगलों के सुनसान और दुर्गम इलाकों में भी लकड़ियों की अवैध कटिंग करवा रहा था। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सघन जांच पड़ताल करते हुए 6 नग सागौन के बड़े और ठोस लट्ठे बतौर सबूत जब्त किए हैं। इन लट्ठों को अलग-अलग हिस्सों में काटकर ठिकाने लगाने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी थी, लेकिन इससे पहले कि लकड़ी को पूरी तरह गायब किया जाता, उड़नदस्ता की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे मंसूबे पर पानी फेर दिया।
वन अधिनियम के तहत कस रहा शिकंजा, लकड़ी माफिया में हड़कंप
अचानक हुई इस ताबड़तोड़ छापेमारी से पूरे भगोरा गांव और आसपास के वन परिक्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वन अमले ने जब्त की गई सागौन की लकड़ियों का पंचनामा तैयार कर लिया है और भारतीय वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग अब इस बात की कड़ियां जोड़ने में जुटा है कि इस अवैध कटाई में आरोपी के साथ जंगल के कौन से भेदिए मिले हुए थे और किन-किन लोगों को अब तक यह कीमती लकड़ी बेची या बांटी जा चुकी है। अधिकारियों का साफ कहना है कि राष्ट्रीय वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा।
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