रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- आज के दौर में पवित्र रिश्तों को भी ठगी का जरिया बनाया जाने लगा है। विवाह जैसे पवित्र बंधन की आड़ में एक ऐसा सुनियोजित और चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और भरोसे को तार-तार कर दिया है। एक परिवार ने अपने बेटे का घर बसाने के लिए अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई लगा दी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस दुल्हन को वे अपने घर की लक्ष्मी समझकर लाए हैं, वह दरअसल एक शातिर ठग निकलेगी। शादी के एवज में लाखों रुपये नकद और महंगे जेवरात ऐंठने के बाद, यह कथित दुल्हन महज तीन दिन ससुराल में रुकने के बाद चौथे दिन रात के अंधेरे में रफूचक्कर हो गई। अब यह पीड़ित परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुका है और आला अधिकारियों के चौखट पर न्याय की गुहार लगा रहा है।

साजिश का ताना-बाना और मध्यस्थों का शातिर खेल

इस पूरे वाकये की पटकथा बड़ी ही चालाकी से लिखी गई थी। दरअसल, यह पूरा सनसनीखेज मामला सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश की रहने वाली प्रार्थीया रामकली बाई ने अपने पुत्र तुलसीदास लोधी के विवाह के लिए दुल्हन की तलाश की थी। इसी दौरान जमगला निवासी दो मध्यस्थों ने एक युवती का रिश्ता उनके सामने पेश किया। इन बिचौलियों ने दोनों परिवारों के बीच ऐसा विश्वास कायम किया कि पीड़ित पक्ष को जरा भी भनक नहीं लगी कि वे एक बड़े षड्यंत्र का शिकार होने वाले हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, बीते 23 मई 2026 को तुलसीदास लोधी का विवाह जमगला की उस युवती के साथ पूरे रीति-रिवाज से संपन्न कराया गया। विवाह के इस सौदे में दूल्हे पक्ष से एक लाख रुपये नकद और लगभग एक लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात भी ऐंठे गए।

शौचालय जाने का बहाना और आधी रात को फरार

विवाह के बाद सब कुछ सामान्य लग रहा था। नई नवेली दुल्हन अपने ससुराल पहुंची और उसने शुरुआत के तीन दिन एक आम बहू की तरह ही बिताए। लेकिन असली खेल चौथे दिन की रात को शुरू हुआ। रात के सन्नाटे में दुल्हन ने शौच जाने का बहाना बनाया और घर से बाहर निकली। इसके बाद वह लौटकर वापस नहीं आई। परिजनों का आरोप है कि पहले से ही घात लगाए बैठे कुछ अज्ञात लोग उसे चुपके से अपने साथ ले गए। जब काफी देर तक दुल्हन वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। ठगी का एहसास तब और गहरा हो गया जब ससुराल पक्ष के लोग उसे वापस लाने के लिए गए। वहां उनसे उल्टे पचास हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की गई, जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि किराए की दुल्हन बनाकर की गई एक बहुत बड़ी और सुनियोजित ठगी है।

थाने में नहीं हुई सुनवाई, पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार

इस भारी आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना के बाद, न्याय की उम्मीद में पीड़ित परिवार ने कानून का दरवाजा खटखटाया। पीड़ितों ने लखनपुर पुलिस थाने में बीते 06 अगस्त 2026 को एक लिखित आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने और अपने पैसे तथा जेवरात वापस दिलाने की मांग की थी। हालांकि, पुलिस थाने से उन्हें घोर निराशा हाथ लगी और आरोप है कि उनकी शिकायत पर कोई त्वरित या ठोस कार्रवाई नहीं की गई। निचले स्तर पर सुनवाई न होने से हताश होकर, अब पीड़ित पक्ष ने सरगुजा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को सीधे एक लिखित शिकायत सौंपी है। दूल्हे की मां ने अपने बेटे के उजड़े घर और लुटे हुए धन की वापसी के लिए आला अधिकारी से भावुक अपील की है, ताकि समाज में ऐसे फर्जी विवाह गिरोहों का पर्दाफाश हो सके और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।