रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- जिले में पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर मनमानी करने वाले औद्योगिक घरानों के खिलाफ पर्यावरण विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, सितंबर 2026 के महीने में क्षेत्रीय कार्यालय रायगढ़ द्वारा विभिन्न औचक निरीक्षणों, ऑनलाइन निगरानी और परिवहन नियमों की पड़ताल के दौरान बड़े पैमाने पर घोर अनियमितताएं पकड़ी गई हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त कानूनी रवैया अपनाते हुए जिले के छोटे-बड़े कारखानों, पावर प्लांटों और प्रमुख औद्योगिक घरानों पर कुल 16 लाख 90 हजार 545 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि (जुर्माना) अधिरोपित की है। इस दंडात्मक कार्रवाई के दायरे में जिंदल स्टील एंड पॉवर, अडानी पॉवर, एनटीपीसी लारा, जेएसडब्ल्यू स्टील और सारडा एनर्जी जैसे नामी संस्थान सीधे तौर पर शामिल हैं।
राखड़ का अवैध और अनियंत्रित अपवहन: अडानी, जिंदल और सारडा पर गिरी गाज
ताप विद्युत संयंत्रों से निकलने वाली खतरनाक फ्लाई ऐश (राखड़) के निपटान को लेकर की जा रही लापरवाही के मामलों में विभाग ने सीधे तौर पर तीन बड़े ऊर्जा संयंत्रों को जिम्मेदार पाया है। बिना विधिवत अनुमति और अनियंत्रित ढंग से राखड़ का अपवहन करने पर मेसर्स सारडा एनर्जी एण्ड मिनरल्स लिमिटेड (पूर्व नाम एस.के.एस. पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड, खरसिया) पर 1 लाख 8 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई है। वहीं ग्राम पतरापाली स्थित मेसर्स जिंदल स्टील एण्ड पॉवर लिमिटेड पर 51 हजार 450 रुपये तथा पुसौर तहसील के ग्राम छोटे भण्डार में स्थित मेसर्स अडानी पॉवर लिमिटेड पर 30 हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है। राखड़ के इस अनियंत्रित फैलाव पर कुल 1 लाख 89 हजार 450 रुपये की पेनाल्टी ठोकते हुए विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पर्यावरण से खिलवाड़ अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सड़कों पर उड़ती राखड़ और नियमों की धज्जियां: जेएसडब्ल्यू और एनटीपीसी लारा भी लपेटे में
ताप विद्युत संयंत्रों से जनित राखड़ के परिवहन के लिए कड़े नियम निर्धारित हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट पाई गई। राखड़ का समुचित परिवहन नहीं करने और मार्ग में प्रदूषण फैलाने के चलते ग्राम लारा स्थित मेसर्स एनटीपीसी लिमिटेड लारा सुपर थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट पर 67 हजार 750 रुपये की क्षतिपूर्ति लगाई गई है। इसी श्रेणी में मेसर्स जे.एस.डब्ल्यू. स्टील लिमिटेड नहरपाली पर 54 हजार 480 रुपये और मेसर्स मां मंगला इस्पात प्राईवेट लिमिटेड नटवरपुर पर 19 हजार 305 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस मद के तहत कुल 1 लाख 85 हजार 35 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूली के आदेश जारी किए गए हैं।
परिवहन एसओपी का खुला उल्लंघन: जिंदल पॉवर, विमला इंफ्रा और एनआरवीएस पर सख्ती
कच्चे माल, तैयार उत्पाद और अपशिष्ट के सुरक्षित परिवहन के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन न करने वाली 8 कंपनियों को विभाग ने चिन्हित किया है। इनमें जे.एस.डब्ल्यू. स्टील लिमिटेड पर 90 हजार रुपये, सारडा एनर्जी एण्ड मिनरल्स लिमिटेड पर 60 हजार रुपये और एन.आर.व्ही.एस. स्टील लिमिटेड तराईमाल पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही जिंदल पॉवर लिमिटेड की कोल वाशरी टपरंगा पर 20 हजार रुपये, जिंदल स्टील एण्ड पॉवर लिमिटेड पतरापाली पर 30 हजार रुपये, सन स्टील एण्ड पॉवर पर 30 हजार रुपये, विमला इन्फ्रास्ट्रक्चर भूपदेवपुर रेलवे साइडिंग पर 15 हजार रुपये और श्री रूपानाधाम स्टील सराईपाली पर 30 हजार रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। इस मद में कुल 3 लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।
उद्योगों के स्थलीय निरीक्षण में मिली खामियां: सारडा एनर्जी पर लगा 4.20 लाख का सबसे बड़ा जुर्माना
क्षेत्रीय कार्यालय रायगढ़ द्वारा माह सितंबर के दौरान उद्योगों के भौतिक निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इस सूची में सबसे भारी-भरकम कार्रवाई खरसिया तहसील के ग्राम बिंजकोट-दर्रामुड़ा स्थित मेसर्स सारडा एनर्जी एण्ड मिनरल्स लिमिटेड पर की गई, जिस पर अकेले 4 लाख 20 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है। इसके अलावा रायगढ़ आयरन इण्डस्ट्रीज पूंजीपथरा पर 80 हजार रुपये, वराही पैड्डी प्रोसेसिंग बानीपाथर पर 40 हजार रुपये, शर्मा क्रशर उद्योग गेरवानी पर 35 हजार रुपये और रायगढ़ इस्पात एण्ड पॉवर प्राईवेट लिमिटेड देलारी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। स्थलीय निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के चलते विभाग ने कुल 6 लाख 5 हजार रुपये का दंड लगाया है।
सीजी निगरानी पोर्टल और आईडब्ल्यूएमएमएस में अनियमितता पर भी चौतरफा वार
विभाग की तकनीकी निगरानी भी लापरवाह उद्योगपतियों पर भारी पड़ी है। आईडब्ल्यूएमएमएस (IWMMS) पोर्टल में बिना अनिवार्य पंजीयन कराए परिवहन करने के जुर्म में मेसर्स सिंघल स्टील लिमिटेड (पूर्व नाम सालासार स्टील) गेरवानी पर 66 हजार 60 रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई है। वहीं 'सीजी निगरानी पोर्टल' के जरिए निगरानी में दोषी पाए गए कुल 9 उद्योगों पर 30-30 हजार रुपये की दर से कुल 3 लाख 60 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है। इस जद में एन.आर. इस्पात, सुनील इस्पात, अग्रोहा स्टील, सारडा एनर्जी कोल माइन, रायगढ़ आयरन, सन स्टील, शिवशक्ति स्टील्स, सिंघल स्टील एण्ड पॉवर और जिंदल स्टील एण्ड पॉवर लिमिटेड जैसी इकाइयां शामिल हैं।
पर्यावरण विभाग की इस ताबड़तोड़ और पारदर्शी कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि जिले में चाहे कितना भी रसूखदार घराना क्यों न हो, पर्यावरण और आम जनजीवन से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी। विभाग द्वारा की गई इस व्यापक कार्रवाई से औद्योगिक हलकों में जबरदस्त हड़कंप मचा हुआ है।
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