दुर्ग@TAKKAR न्यूज :- खाद्य सुरक्षा को लेकर दुर्ग जिले में चल रही सघन जांच मुहिम के तहत एक और बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नामी ब्रांड्स के भरोसे पर फिर एक बार गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोटे चोको पाई के अमानक पाए जाने के बाद अब आम रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 'फॉर्च्यून' ब्रांड के मैदे की गुणवत्ता भी सरकारी जांच की कसौटी पर पूरी तरह फेल साबित हुई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में फॉर्च्यून मैदे के भीतर तय मानकों से कहीं अधिक मात्रा में खतरनाक इंसेक्टिसाइड यानी कीटनाशक पाए गए हैं। रिपोर्ट सामने आते ही प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए तत्काल प्रभाव से इस उत्पाद को मानव उपभोग के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया है।

भोपाल लैब की जांच रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरंतर चल रहे औचक निरीक्षण अभियान के दौरान दुर्ग के स्थानीय बाजार से फॉर्च्यून ब्रांड रिफाइंड फ्लोर (मैदा) का सैंपल कलेक्ट किया था। इस नमूने को परीक्षण और तकनीकी विश्लेषण के लिए भोपाल स्थित राष्ट्रीय स्तर की केंद्रीय खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया था। भोपाल लैब से आई विस्तृत जांच रिपोर्ट ने विभागीय अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। रासायनिक विश्लेषण में स्पष्ट हुआ कि मैदे में कीटनाशक की मात्रा खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के तय पैमानों से बेहद ज्यादा है। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी अधिक मात्रा में कीटनाशक युक्त खाद्य सामग्री का नियमित सेवन सेहत के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है।

500 ग्राम पैक के इस खास बैच पर गिरी गाज

जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने फॉर्च्यून ब्रांड के 500 ग्राम वाले पैकेट के विशेष बैच को चिन्हित किया है। तकनीकी रिपोर्ट के मुताबिक बैच नंबर FAMD55O059A की पूरी खेप गुणवत्ता जांच में फेल हुई है और इसे सीधे तौर पर 'असुरक्षित' (Unsafe Food) की श्रेणी में दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पैकेज्ड फूड में इस तरह कीटनाशक का पाया जाना सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिलेभर में तत्काल प्रभाव से बैन, व्यापारियों को सख्त हिदायत

लैब रिपोर्ट की पुष्टि होते ही खाद्य विभाग ने पूरे दुर्ग जिले में इस खास बैच नंबर वाले फॉर्च्यून मैदे की बिक्री, वितरण और थोक सप्लाई पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग ने जिले के सभी थोक व्यापारियों, रिटेल स्टोर्स और सुपरमार्केट्स को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे इस बैच के सभी पैकेट तुरंत अपनी शेल्फ से हटा लें और इसकी सप्लाई पूरी तरह रोक दें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में प्रतिबंध के बावजूद इस बैच का मैदा बिकता पाया गया, तो संबंधित विक्रेता और वितरक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाएगी।