रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ वन परिक्षेत्र में बेजुबान वन्यजीवों के शिकार का एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। छोटे हरदी वनक्षेत्र में जंगली सुअर को मारने की नीयत से 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन से अवैध हुकिंग कर जमीन पर जीआई (GI) तार का जानलेवा जाल बिछाया गया था। शिकारियों की इस खौफनाक साजिश की चपेट में आकर दो बेकसूर पालतू गायों की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। मामले की भनक लगते ही वन विभाग की मुस्तैद टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके से भारी मात्रा में तार बरामद किया और गहन पड़ताल के बाद मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

मुखबिर की सूचना पर वन अमले की फौरी कार्रवाई

16 अगस्त को वन विभाग को पुख्ता सूचना मिली थी कि छोटे हरदी वनक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 1026 ओ.ए. में हाईटेंशन लाइन से करंट प्रवाहित कर बड़े पैमाने पर शिकार की साजिश रची जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग का दस्ता बिना वक्त गंवाए घटनास्थल पर पहुंचा। सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीन पर फैलाया गया खतरनाक जीआई तार जब्त किया गया। इस दौरान यह भी तस्दीक हुई कि करंट की चपेट में आने से दो मवेशियों की अकाल मौत हो चुकी थी, जिससे इलाके के ग्रामीणों में भारी आक्रोश था।

चार संदिग्धों के घरों पर सर्च वारंट लेकर छापा

घटना की कड़ियां जोड़ते हुए वन अमले ने स्थानीय स्तर पर सघन पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान छोटे हरदी निवासी चार संदिग्धों—गौरांग उर्फ गुरूचरण गुप्ता, कृष्ण यादव, कुश कुमार सांवरा और उमेश गुप्ता के नाम उजागर हुए। मामले की तह तक जाने के लिए वन विभाग ने विधिवत सर्च वारंट क्रमांक 1050, 1051, 1056 और 1055 जारी कर 21 और 22 अगस्त को चारों संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। चारों संदिग्धों को उनके घरों से हिरासत में लेकर परिक्षेत्र कार्यालय रायगढ़ लाया गया।

पूछताछ में खुला राज, मुख्य शिकारी गिरफ्तार

परिक्षेत्र कार्यालय में जब अधिकारियों ने संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उमेश, कृष्ण और कुश कुमार के बयानों ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया। उन्होंने साफ किया कि वनक्षेत्र से गुजरने वाली 11 केवी लाइन से हुकिंग कर करंट फैलाने का मुख्य सूत्रधार गौरांग गुप्ता ही था। अपराध स्वीकार होने के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 34 वर्षीय आरोपी गौरांग पिता गुरूचरण गुप्ता (निवासी ग्राम छोटे हरदी, थाना व तहसील पुसौर) को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ वन अपराध क्रमांक 6682/19 दर्ज कर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 और 52 के तहत गैर-जमानती मामला कायम किया गया।

अदालत ने भेजा जेल, अन्य कड़ियों की तलाश जारी

गिरफ्तारी के बाद वन विभाग ने आरोपी को सक्षम न्यायालय में पेश किया, जहां से अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया। हाईटेंशन करंट से शिकार करने का यह तरीका न केवल वन्यजीवों के लिए बल्कि जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और मवेशियों के लिए भी मौत का फंदा बन रहा है। वन महकमा अब इस अवैध शिकार रैकेट से जुड़े अन्य संभावित चेहरों और मददगारों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रहा है।

वन विभाग के अधिकारियों और स्टाफ की चौतरफा सराहना

जिले के उच्चाधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में रायगढ़ वन परिक्षेत्र के अधिकारियों और मैदानी स्टाफ ने जिस सूझबूझ, तेजी और तकनीकी दक्षता के साथ इस अंधे मामले को सुलझाया, उसकी हर तरफ सराहना हो रही है। सर्च वारंट हासिल करने से लेकर छापेमारी और 24 घंटे के भीतर आरोपी को जेल की सलाखों के पीछे भेजने तक, वन विभाग के अमले की यह वर्तमान कार्रवाई वन्यजीव तस्करों और शिकारियों के हौसले पस्त करने वाली साबित हुई है। इस सख्त कदम से इलाके में अवैध शिकार की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।