रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- जिले के ग्रामीण अंचल में वन विभाग की टीम ने वन्यजीव शिकार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग की टीम ने इलाके में दबिश देकर कुल 4 व्यक्तियों को पकड़ा है। प्राथमिक तौर पर सामने आया है कि इनमें से एक मुख्य संदिग्ध जंगली सूअरों के अवैध शिकार में लिप्त था, जबकि अन्य 3 लोगों को पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने और गहन पूछताछ के लिए हिरासत में लाया गया है।
खेतों और जंगलों में बिछाया जा रहा था मौत का जाल
प्रारंभिक सूचनाओं के मुताबिक, आरोपी जंगली जानवरों को निशाना बनाने के लिए सुनसान इलाकों में अवैध रूप से बिजली लाइनों से हुकिंग कर करंट के नंगे तार बिछाया करते थे। इस खतरनाक तरीके से न केवल वन्यजीवों का जीवन खतरे में पड़ता है, बल्कि आसपास से गुजरने वाले ग्रामीणों और मवेशियों की जान पर भी हर वक्त आफत बनी रहती है। जिले के कई इलाकों में पूर्व में भी ऐसे करंट प्रवाहित तारों की चपेट में आने से ग्रामीणों की अकाल मौत के गंभीर मामले सामने आ चुके हैं।
पूछताछ जारी, गिरोह के अन्य कड़ियों की तलाश
वन विभाग की टीम पकड़े गए मुख्य संदिग्ध से शिकार में प्रयुक्त जीआई तार, खूंटे और अन्य उपकरणों को लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं, साथ लाए गए अन्य तीन लोगों से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध शिकार के नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। विभाग यह भी जांच रहा है कि क्या यह शिकार केवल स्थानीय स्तर पर किया जा रहा था या इसके पीछे किसी संगठित मांस तस्करी गिरोह का हाथ है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार बिजली का करंट लगाकर शिकार करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है, जिसमें मानव जीवन को संकट में डालने से जुड़ी कानूनी धाराएं भी जुड़ती हैं। मामले में आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्य जुटाए जाने के बाद संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई पूरी कर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
टिप्पणियाँ (0)
अपनी टिप्पणी लिखें