राउरकेला@TAKKAR न्यूज :- गायों के संरक्षण और गोशालाओं के रखरखाव के नाम पर हर महीने लाखों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। एक तरफ जहां सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं के कारण लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं और लोगों की जान जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी कागजों में दर्ज सैकड़ों गाएं गोशाला से रहस्यमय तरीके से गायब हैं। सूचना के अधिकार से मिले आंकड़ों और पुलिस की मौजूदगी में की गई औचक जांच के बाद एक बेहद संगीन मामला सामने आया है। स्थानीय समाजसेवियों ने नगर निगम के सबसे बड़े अधिकारी (कमिश्नर) और उनके कर्मचारियों पर सीधे तौर पर गोतस्करी का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

यह सनसनीखेज मामला राउरकेला का है। सेव ओडाटा चैरिटेबल ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष और समाजसेवी नवीन गुप्ता ने सेक्टर 15 पुलिस स्टेशन के इंचार्ज को लिखित शिकायत देकर राउरकेला नगर निगम कमिश्नर दीनाह दस्तगीर और कांजी हाउस का प्रबंधन देखने वाले आरएमसी अधिकारी अस्त पटनायक के खिलाफ गोतस्करी के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरटीआई से मिली जानकारी में यह बताया गया था कि सेक्टर 14 स्थित नंदगांव गोशाला (कांजी हाउस) में औसतन 330 गाएं रखी जाती हैं। आंकड़ों में यह भी दर्शाया गया कि पिछले 5 महीनों में औसतन 174 गायों की मौत हर महीने हुई है। वहीं, मवेशियों के प्रबंधन पर महज 4 महीने में ही 52 लाख 92 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद राउरकेला की सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा है, जिससे लगातार जानलेवा दुर्घटनाएं हो रही हैं।

पुलिस की मौजूदगी में हुआ खुलासा:

शिकायतकर्ता को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि आरएमसी कमिश्नर के निर्देश पर निगम के कर्मचारी गोतस्करी में शामिल हैं। जब शिकायतकर्ता और उनके कार्यकर्ता 7 जून 2026 को नंदगांव गोशाला सच्चाई जानने पहुंचे, तो मुख्य द्वार पर ताला लगा मिला और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद उन्होंने आपातकालीन नंबर 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने और उनके निर्देश के बाद ही गोशाला का गेट खोला गया।

अंदर जाने पर जो नजारा दिखा, वह आरटीआई के आंकड़ों से बिल्कुल अलग था। गोशाला में गायों की संख्या 100 से भी कम थी। उसी वक्त मौके पर पहुंचे डिप्टी कमिश्नर (तरुण कांत) ने बताया कि फिलहाल केवल 182 गाएं ही कांजी हाउस में हैं। जब उनसे आरटीआई के आंकड़ों के हिसाब से बाकी लापता 148 गायों के बारे में पूछा गया, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

300 से ज्यादा गायों के गायब होने का अंदेशा:

शिकायत में यह भी जिक्र किया गया है कि कुछ महीने पहले हिंदू कार्यकर्ताओं ने लगभग 200 गाएं खरीदी थीं, जिन्हें इसी कांजी हाउस में रखा गया था, लेकिन बाद में वे भी गायब हो गईं। कुल मिलाकर 300 से अधिक गायें लापता बताई जा रही हैं।

शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जो गाएं मृत दिखाई जा रही हैं या जो गायब हैं, उन्हें आरएमसी कर्मचारियों द्वारा कमिश्नर दीनाह दस्तगीर के प्रशासन और निर्देश के तहत पैसों के लिए तस्करी कर बेचा जा रहा है। उन्होंने पुलिस से इस पूरे मामले की गहन जांच करने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और लापता गायों को खोजने की गुहार लगाई है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।