रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- रायगढ़ के जुटमिल क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ अवैध शराब का कारोबार न केवल फल-फूल रहा है, बल्कि शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसकी जानकारी होने के बावजूद स्थानीय आबकारी विभाग 'कुंभकर्णी नींद' में सोया हुआ है।

स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों की मानें तो जुटमिल इलाके में अवैध शराब की बिक्री कोई छुपी हुई बात नहीं है। बताया जा रहा है कि एक आरोपी भारी मात्रा में—लगभग 50 क्वार्टर से भी अधिक शराब—एक बार में खरीदकर उसे अवैध रूप से खपाने की फिराक में है।

इस गंभीर मामले की सूचना जब जिम्मेदार अधिकारियों को फोन के जरिए देने की कोशिश की गई, तो अधिकारी का फोन उठाना तो दूर, कॉल रिसीव करने की जहमत तक नहीं उठाई गई। यह स्थिति साफ इशारा करती है कि विभाग और इन शराब माफियाओं के बीच की 'सेटिंग' कितनी मजबूत है।

सवाल यह उठता है कि क्या रायगढ़ आबकारी विभाग का काम सिर्फ सरकारी वेतन लेना रह गया है? जब जनता खुद आगे बढ़कर अवैध गतिविधियों की सूचना दे रही है, तब भी विभाग का मौन रहना किसी बड़ी मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

आखिर कौन जगाएगा इस गहरी नींद में सोए हुए अमले को? क्या उच्चाधिकारी इस मामले में संज्ञान लेंगे, या फिर जुटमिल के निवासियों को इसी तरह अवैध शराब के कहर और अपराधों के बढ़ते ग्राफ को झेलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा?

रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठते ये सवाल अब जन-चर्चा का विषय बन चुके हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या ठोस कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी पुरानी फाइलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।