यूपी@TAKKAR न्यूज :- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर कोई भी अपना माथा पकड़ ले। यहां एक महिला ने अपने परिवार की नजरों से दूर रहकर पाई-पाई जोड़कर लाखों रुपये का फंड खड़ा किया, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही ने उसकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी को मिट्टी में मिला दिया। महिला ने अपने पति से छिपाकर एक लोहे के ट्रंक में करीब 12 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी जमा की थी। उसका सपना इन पैसों से सोने के गहने खरीदने का था, लेकिन जब सालों बाद उसने उस बक्से का ताला खोला, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। बक्से के भीतर नोटों की गड्डियों की जगह केवल कतरे हुए कागजों का ढेर पड़ा था, जिसे चूहों ने अपनी दावत बना लिया था।
8 साल की गुप्त तपस्या और आभूषणों का सपना
यह पूरी कहानी घरेलू बचत की उस आम आदत से जुड़ी है, जहां महिलाएं भविष्य की जरूरतों या अपने किसी खास शौक के लिए घर खर्च में से पैसे बचाती हैं। गोंडा की रहने वाली इस महिला ने पिछले लगभग 8 सालों से हर महीने थोड़े-थोड़े पैसे बचाकर इस लोहे के ट्रंक में सुरक्षित रखना शुरू किया था। उसका मुख्य उद्देश्य यह था कि जब एक अच्छी-खासी रकम इकट्ठी हो जाएगी, तब वह अपनी पसंद के सोने के जेवर खरीदेगी। महिला ने इस बात की भनक अपने पति तक को नहीं लगने दी थी। उसे लगा कि बंद बक्से में उसके पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन वह इस बात से बेखबर थी कि अंधेरे में बंद उस संदूक में चूहे घुस चुके हैं।
जब बक्सा खुला तो उड़ गए होश, सामने था नोटों का 'कचरा'
सालों के इंतजार के बाद जब महिला ने सोने के गहने खरीदने के इरादे से ट्रंक का ताला खोला, तो अंदर का मंजर देखकर वह बदहवास हो गई। 500 और 200 के नोटों की गड्डियां चूहों द्वारा इस कदर कुतर दी गई थीं कि वे पहचान में भी नहीं आ रही थीं। कुछ नोटों के छोटे-छोटे टुकड़े बिखरे पड़े थे, तो कई नोट पूरी तरह पाउडर बन चुके थे। 12 लाख रुपये की गाढ़ी कमाई को चूहों का निवाला बनते देख महिला का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मजबूरी में उसे यह बात अपने पति को बतानी पड़ी, जिसके बाद दोनों ने घंटों बैठकर उन टुकड़ों को समेटने और सही-सलामत बचे नोटों को अलग करने की नाकाम कोशिश की।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, अब बैंक ही आखिरी उम्मीद
इस अजीबोगरीब और दर्दनाक घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग जहां महिला के प्रति सहानुभूति जता रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे घर में भारी नकदी रखने का बड़ा सबक बता रहे हैं। फिलहाल पीड़ित परिवार इस असमंजस में है कि इस नुकसान की भरपाई कैसे होगी। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक अगर फटे या कटे नोटों का सीरियल नंबर और अहम सुरक्षा हिस्से सुरक्षित हों, तो बैंक उन्हें बदल सकते हैं। अब यह देखना होगा कि इस कुतरे हुए खजाने में से महिला बैंक के जरिए कितनी रकम वापस हासिल कर पाती है।
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