रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अचानक आए आंधी-तूफान ने नगर निगम और विज्ञापन एजेंसियों की बड़ी लापरवाही की पोल खोल कर रख दी है। शहर के व्यस्ततम सुभाष चौक पर एक जर्जर इमारत पर लगा विशालकाय विज्ञापन होर्डिंग भरभरा कर बीच सड़क पर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में लाइब्रेरी से पढ़ाई कर घर लौट रही एक स्कूटी सवार छात्रा होर्डिंग के भारी मलबे के नीचे दब गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई है। वहीं, प्रशासन और नगर निगम का रवैया इस भीषण घटना के बाद भी पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना नजर आ रहा है।

लाइब्रेरी से लौट रही थी छात्रा, अचानक गिरा मौत का बोर्ड..

यह भयावह घटना शहर के मुख्य मार्ग सुभाष चौक की है। घायल छात्रा के भाई अमर कुमार भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बहन रोज की तरह लाइब्रेरी से पढ़ाई कर अपनी स्कूटी से घर वापस आ रही थी। तभी अचानक तेज आंधी आई और सुभाष चौक के पास एक पुरानी और जर्जर बिल्डिंग की छत पर लगा लोहे का भारी-भरकम होर्डिंग सीधे छात्रा की स्कूटी पर आ गिरा। होर्डिंग का वजन इतना ज्यादा था कि छात्रा उसके नीचे बुरी तरह दब गई और उसकी स्कूटी के पूरी तरह से परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में छात्रा के सिर, पसलियों और पैरों में बेहद गंभीर चोटें आई हैं। वहां मौजूद राहगीरों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए उसे मलबे से निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए संजीवनी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे सीटी स्कैन और एक्स-रे के लिए भेजा गया। परिजनों के अनुसार, लगभग एक घंटे तक बेसुध रहने के बाद छात्रा को होश तो आ गया है, लेकिन उसकी स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।

परिजनों का फूटा गुस्सा: टैक्स वसूलने वाला निगम, सुरक्षा पर मौन क्यों?

इस घटना के बाद घायल छात्रा के भाई ने प्रशासन और होर्डिंग लगाने वाली कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में आक्रोश जताते हुए कहा कि जब वह बिल्डिंग पहले से ही जर्जर अवस्था में थी, तो नगर निगम ने वहां इतना भारी विज्ञापन बोर्ड लगाने की अनुमति आखिर कैसे दे दी।

"क्या निगम केवल आम जनता से टैक्स वसूलने के लिए बैठा है? अगर इस हादसे में किसी की जान चली जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता?"

परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लिया जाए और होर्डिंग कंपनी के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, घायल छात्रा के इलाज का पूरा खर्च भी संबंधित कंपनी द्वारा वहन करने की मांग उठाई गई है।

नगर निगम के अधिकारी का बेतुका और असंवेदनशील बयान..

एक तरफ जहाँ छात्रा अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है, वहीं नगर निगम के अधिकारियों का रवैया बेहद हैरान और निराश करने वाला है। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे नगर निगम के ईई अमरेश लोहिया ने मीडिया से बात करते हुए महज इतना कहा कि आंधी के कारण एक फ्लैक्स या होर्डिंग गिर गया है और निगम की राहत टीम मलबा हटा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब उनसे घायलों के बारे में पूछा गया। उन्होंने बिल्कुल बेपरवाह अंदाज में कहा कि उनके पास अभी तक किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है, केवल वहां पार्क की गई कुछ गाड़ियाँ डैमेज हुई हैं। ईई का यह बयान नगर निगम की लचर कार्यप्रणाली और सूचना तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, अधिकारी ने यह आश्वासन जरूर दिया है कि प्राइवेट एजेंसियों द्वारा लगाए गए ऐसे अवैध होर्डिंग्स की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक अमला मौके पर, एहतियातन काटी गई बिजली..

हादसे की भयावहता को देखते हुए तत्काल पुलिस टीम, नगर निगम कमिश्नर और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सड़क पर गिरे भारी मलबे को हटाने और राहत कार्य में तेजी लाने के लिए तुरंत जेसीबी मशीन बुलाई गई। इसके साथ ही, होर्डिंग के तारों और मलबे के कारण किसी प्रकार के करंट फैलने या अन्य अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की बिजली काट दी गई है।

बड़ा सवाल: शहर में ऐसे कितने 'मौत के होर्डिंग' हैं?

सुभाष चौक पर हुए इस हादसे ने पूरे रायगढ़ शहर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। रायगढ़ जैसे शहर में जहाँ आंधी-तूफान आना आम बात है, वहां पुरानी और जर्जर इमारतों पर बिना किसी ढांचागत सुरक्षा ऑडिट के लगाए गए ये भारी विज्ञापन बोर्ड साक्षात मौत का साया बने हुए हैं। अब आम जनता यह देखने का इंतजार कर रही है कि प्रशासन इस मामले में केवल कागजी खानापूर्ति करता है या फिर दोषी विज्ञापन एजेंसी और अपने लापरवाह अधिकारियों पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई करता है।