रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- भारतीय रेलवे के जनरल डिब्बे, जो मुख्य रूप से गरीब और आम तबके के सफर को आसान बनाने के लिए होते हैं, अब मुनाफाखोर व्यापारियों के अवैध परिवहन का जरिया बनते जा रहे हैं। रायगढ़ रेलवे स्टेशन से एक ऐसा ही चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने रेलवे की सुरक्षा और पार्सल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शालीमार एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में यात्रियों के बैठने की जगह पर भारी मात्रा में 'लीची के डिब्बे' ठूंस कर भरे गए हैं।
आम आदमी के हक पर डाका..
रेलवे प्रशासन अक्सर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों में जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ाता है, ताकि गरीब और आम व्यक्ति बिना किसी परेशानी के अपनी मंजिल तक पहुंच सके। लेकिन रायगढ़ स्टेशन पर सामने आए इस नजारे ने साबित कर दिया है कि कुछ व्यापारियों ने इन डिब्बों को अपनी निजी मालगाड़ी समझ लिया है। डिब्बे में लीची की पेटियां भरे होने के कारण आम यात्रियों को खड़े रहने या सफर से वंचित होने को मजबूर होना पड़ रहा है।
रेलवे को भारी टैक्स का नुकसान..
नियमानुसार, भारी मात्रा में व्यावसायिक सामग्री या फलों की पेटियों को ट्रेन की 'पार्सल बोगी' (SLR) में बाकायदा बुक कराकर ले जाया जाना चाहिए। पार्सल बुकिंग से रेलवे को टैक्स और मालभाड़े के रूप में भारी राजस्व (मुनाफा) मिलता है। लेकिन टैक्स की चोरी करने और बुकिंग का पैसा बचाने के लिए व्यापारी चोरी-छिपे जनरल डिब्बों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस तरह की माल ढुलाई से रेलवे को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का सीधा नुकसान हो रहा है।
सवाल प्रशासन की मुस्तैदी पर भी..
इतनी भारी मात्रा में लीची के डिब्बे स्टेशन के अंदर कैसे पहुंचे और ट्रेन के जनरल डिब्बे में कैसे लोड हो गए, यह बिना किसी की मिलीभगत के संभव नहीं लगता। इस घटना ने स्टेशन पर तैनात आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) और टिकट चेकिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिया है।
सख्त कार्रवाई की दरकार..
अगर टैक्स चोरी का यह खेल यूं ही चलता रहा, तो रेलवे को आर्थिक मोर्चे पर भारी चोट पहुंचेगी। जरूरत इस बात की है कि:
• दोषियों पर एक्शन: इस वीडियो के आधार पर अवैध परिवहन करने वाले व्यापारियों की तुरंत पहचान की जाए।
• जुर्माना और केस: रेलवे एक्ट के तहत भारी जुर्माना लगाकर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
• पारदर्शिता: स्टेशन पर चेकिंग अभियान तेज किया जाए ताकि भविष्य में यात्री कोच में कमर्शियल पार्सल न चढ़ सकें।
अब देखना यह है कि इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन और स्थानीय अधिकारी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं या फिर टैक्स चोरी का यह काला खेल बदस्तूर जारी रहता है।
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