रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- जिले के औद्योगिक क्षेत्र पूंजीपथरा स्थित अंजनी प्लांट के भीतर एक बार फिर प्रबंधन की बड़ी लापरवाही खुलकर सामने आई है। प्लांट के भीतर ऊंचाई पर काम कर रहा एक मजदूर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलते हुए अचानक नीचे आ गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गया। हादसे का शिकार हुए मजदूर का नाम राकेश ठाकुर है, जिसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उसे तत्काल इलाज के लिए शहर के अपेक्स हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां वेंटिलेटर और क्रिटिकल केयर सपोर्ट पर उसकी सांसें चल रही हैं।

इस खौफनाक हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अंजनी प्लांट प्रबंधन के लिए मजदूरों की जान से ज्यादा मुनाफा सर्वोपरि है। प्लांट के भीतर श्रमिकों की सुरक्षा के नाम पर किस हद तक खिलवाड़ किया जा रहा है, यह इस घटना से साफ झलकता है।

औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई, प्रबंधन को जारी हुआ नोटिस

घटना की जानकारी मिलते ही औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए मामले का संज्ञान लिया है। इस संबंध में विभाग के अधिकारी राहुल पटेल से जब जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अंजनी प्लांट प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। विभाग की इस त्वरित और जिम्मेदार पहल से स्पष्ट है कि प्लांट के भीतर बरती गई सुरक्षा में खामियों और नियमों की अनदेखी को प्रशासन नजरअंदाज नहीं कर रहा है।

पूंजीपथरा पुलिस बोली- मीडिया से मिली जानकारी, अब होगी निष्पक्ष जांच

हैरानी की बात यह है कि प्लांट के भीतर इतना बड़ा हादसा हो गया, लेकिन प्रबंधन ने अपनी खाल बचाने और मामले को दबाने की नीयत से इसकी सूचना स्थानीय थाने तक को देना मुनासिब नहीं समझा।

जब इस मामले में पूंजीपथरा थाना प्रभारी रामकिंकर यादव से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में बताया कि "घटना की कोई आधिकारिक सूचना थाने को नहीं दी गई थी, परंतु अब आपके माध्यम से इस मामले की जानकारी मिली है। इस संबंध में संज्ञान लेते हुए मामले की पूरी जांच कराई जाएगी।" पुलिस के इस बयान से साफ है कि प्लांट प्रबंधन ने हादसे को छिपाने का पूरा षड्यंत्र रचा था।

प्रबंधन की मनमानी पर उठ रहे तीखे सवाल

अंजनी प्लांट में लगातार हो रही इस तरह की घटनाएं प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करती हैं। ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों को सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरण क्यों नहीं दिए गए? यदि हादसा हुआ, तो प्लांट प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना क्यों छिपाई? क्या प्लांट प्रबंधन किसी बड़े हादसे के बाद भी सबक लेने को तैयार नहीं है?

फिलहाल, हर किसी की निगाहें घायल मजदूर राकेश ठाकुर के स्वास्थ्य पर टिकी हैं, जो आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। वहीं, क्षेत्र में अंजनी प्लांट की इस तानाशाही और लापरवाह कार्यशैली को लेकर जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है।