रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में इन दिनों एक ऐसी हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जो सिस्टम की कार्यप्रणाली और समाज के नजरिए पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। अमूमन जब कोई युवा किसी बड़ी प्रशासनिक परीक्षा को पास करता है, तो उसके घर में जश्न का माहौल होता है, लेकिन रायगढ़ जिला मुख्यालय से महज बीस किलोमीटर दूर ग्राम रेंगालपाली के एक होनहार छात्र के लिए उसकी कामयाबी ही शक का सबब बन गई। इस छात्र ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित सूबेदार प्री-परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है, लेकिन इसकी प्रतिभा से ज्यादा इसके नाम ने पूरे पुलिस महकमे और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। इस होनहार युवा का नाम 'न्यूज़' है। नाम में कोई उपनाम (सरनेम) नहीं होने और केवल 'न्यूज़' लिखा होने के कारण लोगों और पुलिस को लगा कि यह कोई फर्जीवाड़ा है या किसी शातिर दिमाग की साजिश। सफलता के जश्न के बीच इस युवा को खाकी की तीखी पूछताछ और संदेह भरी नजरों का सामना करना पड़ा।कागजातों ने उगली सच्चाई, सौ टका असली निकला मेधावी 'न्यूज़'..

शक की बुनियाद पर शुरू हुई पुलिसिया तफ्तीश जब गहराने लगी, तो हकीकत के पन्ने अपने आप खुलने लगे। पुलिस की जांच और स्कूल के दस्तावेजों से यह पूरी तरह साफ हो गया कि यह कोई फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि सौ फीसदी सच है। ग्राम भाठनपाली के मूल निवासी और रेंगालपाली हाईस्कूल के इस छात्र का वास्तविक नाम ही न्यूज़ कुमार प्रधान है। इसके पिता सुखदेव और माता सर्वेश्वरी ने बचपन से ही अपने बेटे का यह अनोखा नाम रखा था। जब छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की मार्कशीट और आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को खंगाला गया, तो पाया गया कि सभी जगह उसका नाम केवल 'न्यूज़' ही दर्ज है। गांव के सरपंच से लेकर उसे पढ़ाने वाले शिक्षकों और स्कूल के प्रिंसिपल ने भी इस बात की पुरजोर तस्दीक की कि 'न्यूज़' नाम का यह लड़का बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में अव्वल रहा है और इसकी मेधा पर शक करना सूरज को दीपक दिखाने जैसा है।

लाइब्रेरी से लेकर कप्तान के दफ्तर तक का सफर और मानसिक पीड़ा..

कड़ी मेहनत और पसीने के दम पर सूबेदार बनने का ख्वाब बुनने वाले न्यूज़ के लिए यह सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रहा। गांव की स्थानीय लाइब्रेरी में घंटों किताबों के बीच समय गुजारने वाले और शारीरिक दक्षता के लिए मैदान में रोज दौड़ लगाने वाले इस युवा को अपनी ही पहचान साबित करने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। लगातार उठते सवालों और पुलिस की पूछताछ से आजिज आकर आखिरकार न्यूज़ ने सीधे रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के कार्यालय का रुख किया। उसने कप्तान से मुलाकात कर अपने तमाम असली दस्तावेज उनके सामने रख दिए और अपनी व्यथा सुनाई। न्यूज़ ने भारी मन से बताया कि केवल एक अलग नाम होने की वजह से उसे बार-बार शक की निगाह से देखा जा रहा है, जिससे वह गहरी मानसिक पीड़ा और तनाव से गुजर रहा है।

सिस्टम के मुंह पर तमाचा और हौसले की ऐतिहासिक उड़ान..

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सामने सारे साक्ष्य पेश करने के बाद न्यूज़ कुमार प्रधान ने भले ही अपनी असलियत साबित कर दी हो, लेकिन यह पूरा वाकया एक कड़वा सच उजागर करता है कि कैसे एक अनोखा नाम किसी होनहार की मानसिक शांति छीन सकता है। सूबेदार प्री-परीक्षा में सफलता के झंडे गाड़ने के बाद अब भले ही यह मामला शांत होता दिख रहा हो, लेकिन आगे की प्रक्रिया में भी उसे अपनी पहचान को लेकर कई सवालों से गुजरना पड़ सकता है। फिलहाल, 'फर्जी' समझे जाने वाले इस 'न्यूज़' ने पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी मेधा का लोहा मनवा लिया है और यह साबित कर दिया है कि इंसान की असली पहचान उसके नाम से नहीं, बल्कि उसके दमदार काम और फौलादी हौसले से होती है।