रायपुर@TAKKAR न्यूज :- छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के नाम पर हुए एक बड़े भूमि अधिग्रहण घोटाले का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर जिले के अभनपुर निवासी जय प्रकाश गांधी को मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित की गई भूमि के मुआवजे में हुई व्यापक धांधली से जुड़ा है। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी ने सरकारी अधिकारियों और अपने परिवार के सदस्यों के साथ साठगांठ करके सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया है।

जांच में यह सामने आया है कि जय प्रकाश गांधी ने सुनियोजित तरीके से राजमार्ग के अलाइनमेंट में आने वाली जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर दिया था। इन टुकड़ों का आकार 500 वर्ग मीटर से कम रखा गया ताकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से मुआवजे की बढ़ी हुई राशि का दावा किया जा सके। इस धोखाधड़ी का पैमाना इतना बड़ा है कि जहां आरोपी को नियमों के अनुसार केवल 56.76 लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए था, वहीं उसने और उसके परिवार ने मिलीभगत से 9.83 करोड़ रुपये की बड़ी रकम हासिल कर ली।

ED ने इस मामले में छत्तीसगढ़ के ACB और EOW द्वारा दर्ज FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। इस घोटाले से प्राप्त अवैध कमाई को छिपाने के लिए आरोपी ने इसे शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश कर सिस्टम में खपाने की कोशिश की थी। 28 अप्रैल को रायपुर, अभनपुर और धमतरी में की गई छापेमारी के दौरान ED ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए थे।

गिरफ्तारी के बाद जय प्रकाश गांधी को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे तीन दिनों के लिए एजेंसी की रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल ईडी की टीम इस पूरे रैकेट के मुख्य साजिशकर्ताओं और इसमें शामिल सरकारी अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। एजेंसी का मानना है कि इस घोटाले के तार और भी लोगों से जुड़े हो सकते हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।