रायगढ़@TAKKAR न्यूज :- कारखानों में मजदूरों की जान और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले रायगढ़ जिले के बड़े उद्योगपतियों पर प्रशासन का भारी डंडा चला है। नियमों को ताक पर रखकर फैक्ट्रियां चलाने वाले 5 बड़े कारखानों के खिलाफ रायगढ़ श्रम न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाते हुए लाखों रुपये का जुर्माना ठोका है।
लंबे समय से कारखानों में हो रही दुर्घटनाओं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सम्भाग, रायगढ़ के उप संचालक राहुल पटेल ने इन कारखानों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में पाई गई भारी खामियों और उल्लंघनों के बाद इन 5 कारखानों के खिलाफ श्रम न्यायालय में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराए गए थे, जिनका मई 2026 में निराकरण करते हुए कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है।
कारखाना अधिनियम (Factories Act 1948) की धज्जियां उड़ाने वाले इन 5 रसूखदार कारखानों पर हुई है कार्रवाई:
1. सिंघल स्टील एण्ड पावर लिमिटेड : तराईमाल स्थित इस बड़े प्लांट में कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 41, 51, 54 और धारा 7ए(2)(ए) का खुला उल्लंघन पाया गया। इसके लिए कारखाने के अधिभोगी विनय कुमार शर्मा और प्रबंधक जी. के. मिश्रा पर 1-1 लाख रुपये (कुल 2 लाख रुपये) का भारी अर्थदण्ड लगाया गया है।
2. मां मंगला इस्पात प्रा. लि. : ग्राम नटवरपुर स्थित इस प्लांट में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर अधिभोगी हर्षवर्धन गर्ग के खिलाफ न्यायालय ने सख्ती दिखाई है। धारा 41ग(ग) और 7ए(2)(सी) के उल्लंघन पर उन पर 1,00,000/- रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
3. गुरुश्री इन्डस्ट्रीज प्रा. लि. : ग्राम देलारी स्थित इस इंडस्ट्री के अधिभोगी और कारखाना प्रबंधक मुकेश बंसल पर नियम 73-बी के उल्लंघन के चलते न्यायालय ने 1,00,000/- रुपये का अर्थदण्ड लगाया है।
4. सावित्री राईस मिल : ग्राम सहदेवपाली, छातामुड़ा स्थित इस राइस मिल में भी नियमों की घोर अनदेखी पाई गई। अधिभोगी व प्रबंधक सूर्यकांत अग्रवाल पर कारखाना अधिनियम की धारा 7ए(2)(ए) और 41 के तहत 1,00,000/- रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया है।
5. नवदुर्गा फ्यूल प्रा. लि. : सराईपाली स्थित इस प्लांट के अधिभोगी व प्रबंधक प्रकाश बेहरा को भी न्यायालय ने नहीं बख्शा। कारखाना नियमावली के नियम 131ए(2) के उल्लंघन के लिए उन पर 25,000/- रुपये का जुर्माना ठोका गया है।
मुनाफाखोरों के लिए सख्त संदेश
यह कार्रवाई उन तमाम उद्योगपतियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो मुनाफे की अंधी दौड़ में मजदूरों की सुरक्षा और सरकारी नियमों को ठेंगा दिखाते हैं। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से जिले के अन्य कारखानों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
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